दैनिक खबरां,जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने न्यूरो सर्जरी विभाग के HOD और SMS मेडिकल कॉलेज के एडिशनल प्रिंसिपल डॉ. मनीष अग्रवाल को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
एसीबी की टीम जब कार्रवाई के लिए पहुंची, तो डॉ. मनीष के कर्मचारी जगत ने रिश्वत की रकम घर के पास एक खाली प्लॉट में फेंक दी। इसके बाद पुलिस ने कर्मचारी जगत को भी गिरफ्तार कर लिया। बरामद रकम प्लॉट से एसीबी की टीम ने कब्जे में ले ली।
जानकारी के अनुसार, यह मामला 5 अक्टूबर को ट्रॉमा सेंटर के ICU में हुई आग से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें 3 महिलाओं समेत 8 मरीजों की जान चली गई थी। यह ICU भी डॉ. मनीष के अधीन था।
ACB के एडिशनल SP संदीप सारस्वत ने बताया कि शिकायतकर्ता ने दर्ज कराई थी कि पिछले 3 महीनों से उनके बिल पास नहीं हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ब्रेन कॉइल सप्लाई करने वाली कंपनी का प्रतिनिधि है, जिसे 2 साल का टेंडर मिला था। मरीजों की जरूरत के अनुसार कंपनी से सामान मंगवाया जाता था, लेकिन डॉ. मनीष ने बिल पास कराने के लिए 1 लाख रुपए की मांग की।
जब कंपनी का प्रतिनिधि बिल लेकर डॉ. मनीष के कार्यालय गया, तो डॉ. मनीष ने बिल फेंकते हुए कहा कि यह पास नहीं होंगे और कर्मचारी से कहा कि वह उनसे पर्सनली मिले। गुरुवार शाम को शिकायतकर्ता को मिलने बुलाया गया, जहां एसीबी की टीम ने डॉ. मनीष को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

