बीकानेर जनसुनवाई में तमतमाए मंत्री खर्रा, बोले- ‘मेरे से छीना-झपटी मत करो, ऐसे ज्ञापन फाड़कर फेंक दूंगा’

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बीकानेर जनसुनवाई में तमतमाए मंत्री खर्रा, बोले- ‘मेरे से छीना-झपटी मत करो, ऐसे ज्ञापन फाड़कर फेंक दूंगा’

बीकानेर। बीकानेर के सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई के दौरान शहरी विकास एवं आवासन (यूडीएच) मंत्री झाबर सिंह खर्रा एक युवक की शिकायत पर नाराज हो गए। मंत्री ने शिकायतकर्ता को तथ्यों के साथ अपनी बात रखने की नसीहत देते हुए कहा कि जनसुनवाई के दौरान समय पर अपनी समस्या रखनी चाहिए, बाद में हंगामा करना उचित नहीं है।

जनसुनवाई में जवाहर नगर निवासी गोपाल किराडू प्लॉट आवंटन से जुड़ी एक फाइल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीकानेर विकास प्राधिकरण के कुछ अधिकारी और कर्मचारी फाइल आगे बढ़ाने के लिए टोकन मनी की मांग करते हैं। आरोप सुनते ही मंत्री खर्रा ने नाराजगी जताई।

मंत्री ने कहा, “मुझे 55 साल का अनुभव है, मैं सब समझता हूं। यदि कोई परेशानी थी तो सुबह 9 बजे, 10 बजे या शाम को भी आ सकते थे। जनसुनवाई खत्म होने का इंतजार कर बाद में हो-हल्ला करना सही नहीं है।”

जब युवक ने कहा कि उसे समय दिया जाना चाहिए, तो मंत्री ने जवाब दिया, “जब समय पर बैठा हूं तब मिलने नहीं आना और बाद में हंगामा करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह आज भी बर्दाश्त नहीं होगा और कल भी नहीं होगा।”

इस दौरान मंत्री ने यह भी कहा कि यदि समस्या गंभीर थी तो शिकायतकर्ता पहले ही उनसे मिल सकता था।

ज्ञापन वापस लेने पर भी जताई नाराजगी

जनसुनवाई समाप्त होने के बाद एक अन्य युवक अपनी समस्या से जुड़ा ज्ञापन लेकर मंत्री के पास पहुंचा। मंत्री ने ज्ञापन अपने पास रख लिया, लेकिन तत्काल उस पर चर्चा नहीं की। इस बीच युवक ने ज्ञापन वापस लेकर अपनी बात समझाने का प्रयास किया।

इस पर मंत्री नाराज हो गए और कहा, “मेरे साथ छीना-झपटी करने की जरूरत नहीं है। एक-एक करके सभी की बात सुनूंगा। ऐसे ज्ञापन की जरूरत नहीं है, फाड़कर फेंक दूंगा।”

मंत्री की नाराजगी के बाद युवक शांत हो गया और अपनी बारी का इंतजार करने लगा। जनसुनवाई के दौरान मौजूद लोगों के बीच यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बना रहा।