लोकसभा अध्यक्ष से मिले राजस्थानी भाषा के क्रांतिकारी….

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लोकसभा अध्यक्ष से मिले राजस्थानी भाषा के क्रांतिकारी

नई दिल्ली, @dainikkhabraan। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की दूसरे दिन की जन सुनवाई के दिन मायड़ भाषा राजस्थानी के संभागाध्यक्ष दिलीप सिंह हरप्रीत के नेतृत्व में मातृभाषा राजस्थानी की संवैधानिक माँग को लेकर भाषा के क्रांतिकारी ओम बिड़ला से मिले और राजस्थानी भाषा को शीघ्र संवैधानिक मान्यता देने की बात की।

दिलीप सिंह हरप्रीत ने बताया की हमारे देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति की भाषा को संवैधानिक मान्यता प्राप्त है पर हमारे देश तीसरे बड़े संवैधानिक पद को सुशोभित करने वाले लोकसभा अध्यक्ष की मातृभाषा राजस्थानी को आजादी 70 वर्ष से अधिक बीत जाने पर भी मान्यता नहीं मिली।

चौथमल प्रजापति नें बिड़ला को अवगत करवाया की राजस्थान सरकार नें 2003 में गहलोत सरकार के समय में राजस्थान से भाषा की मान्यता का विधेयक पूरे 200 विधायको नें बहुमत से पास करके केन्द्र में भेज रखा है और 2020 में भी मुख्यमंत्री गहलोत नें प्रधानमंत्री को राजस्थानी भाषा की संवैधानिक मान्यता के बारे में फिर से पत्र लिखा जिस पर केन्द्र सरकार अभी तक कोई कार्यवाही नहीं कर पा रही है।

बिड़ला नें राजस्थानी भाषा को शीघ्र संवैधानिक मान्यता प्रदान करने की बात कहीं। इस अवसर मातृभाषा राजस्थानी भाषा के कई क्रांतिकारी उपस्थित रहें ।