
क्या 1 जून से बंद हो जाएंगे पेट्रोल पंप? डीलरों ने दी हड़ताल की चेतावनी
दैनिक खबरां,बीकानेर। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की ओर से 1 जून से हड़ताल पर जाने की चेतावनी ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है। पहले से ही पेट्रोल-डीजल की किल्लत झेल रहे पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि कंपनियों की ओर से पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे में यदि हड़ताल होती है तो प्रदेशभर में ईंधन संकट और गहरा सकता है।
बीकानेर जिले में इंडियन ऑयल के करीब 115, भारत पेट्रोलियम के 45 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के लगभग 70 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इनमें सबसे ज्यादा खराब स्थिति भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) के पंपों की बताई जा रही है। डीलरों का कहना है कि कई पंपों को सप्ताहभर में केवल एक टैंकर की सप्लाई मिल रही है, जिससे बार-बार स्टॉक खत्म होने की नौबत आ रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी चिंताजनक हैं। जानकारी के अनुसार जिले के दस से अधिक पेट्रोल पंप पिछले कुछ समय में आठ से दस बार तक ड्राई हो चुके हैं। इससे किसानों, वाहन चालकों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब इंडियन ऑयल के कुछ पंपों पर भी सप्लाई का दबाव दिखाई देने लगा है।
बीकानेर को पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति जोधपुर स्थित डिपो से होती है। पहले नियमित रूप से पेट्रोल और डीजल के टैंकर पहुंचने से पर्याप्त स्टॉक बना रहता था, लेकिन अब आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। डीलरों का आरोप है कि कंपनियों को लाखों रुपए अग्रिम भुगतान करने के बावजूद समय पर ईंधन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
डीलरों का आरोप: एडवांस जमा, फिर भी नहीं मिल रहा तेल
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि कई डीलरों ने कंपनियों के पास 50-50 लाख रुपए तक अग्रिम राशि जमा करा रखी है, इसके बावजूद मांग के अनुरूप सप्लाई नहीं मिल रही। इससे व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों की नाराजगी भी झेलनी पड़ रही है।
हड़ताल हुई तो बढ़ेंगी मुश्किलें
1 जून से प्रस्तावित हड़ताल को लेकर वाहन चालकों, परिवहन व्यवसायियों और आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। यदि बातचीत से समाधान नहीं निकला और हड़ताल हुई तो प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।

