‘दलित से मारपीट करने वाले विधायक को हमने निकाला’, सीएम बोले- बीजेपी ने उसे टिकट दिया, एसएमएस अस्पताल में भर्ती एईएन से मिले खडग़े-गहलोत

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‘दलित से मारपीट करने वाले विधायक को हमने निकाला’, सीएम बोले- बीजेपी ने उसे टिकट दिया, एसएमएस अस्पताल में भर्ती एईएन से मिले खडग़े-गहलोत

जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शनिवार को पूर्वी राजस्थान के वैर (भरतपुर) में जनसभा करने आए। वैर में जनसभा से पहले खड़गे जयपुर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ SMS हॉस्पिटल पहुंचे और वहां भर्ती AEN हर्षाधिपति से मुलाकात की। हर्षाधिपति का 1 साल से SMS हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।

खड़गे और गहलोत ने AEN की कुशलक्षेम पूछने के बाद बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए जिम्मेदार विधायक गिर्राज मलिंगा को हमने पार्टी से बाहर निकाला, लेकिन बीजेपी ने टिकट देकर अपना उम्मीदवार बना लिया।

गहलोत ने कहा कि इस मामले में बीजेपी की जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि इससे घिनौना क्या काम हो सकता है कि आज डेढ़ साल से हर्षाधिपति सजा भुगत रहा है। उसके परिवार पर क्या बीत रही है, मैं समझ रहा हूं। खड़गे जी को मालूम चलने के बाद उन्होंने भी हर्षाधिपति से मिलने की इच्छा जताई। बीजेपी ने हमलावर के खिलाफ बोलने के बजाय उसे टिकट देकर गले लगाया और काला अध्याय लिख दिया।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि हर्षाधिपति के शरीर की हर हड्डी के टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं। जिस आदमी को हमने निकाला, उसको बीजेपी ने टिकट दिया। हमने हमला करने वाले को टिकट नहीं देने का फैसला किया। हमारे मुख्यमंत्री ने हर्षाधिपति का ख्याल रखा, उनके परिजनों से मिलकर उनको ढांढस बंधाया और मदद की। बीजेपी एक तरफ कहती है कि हम गरीबों-दलितों के साथ है, लेकिन ऐसे लोगों को बीजेपी ने टिकट देकर जता दिया कि उनकी कथनी और करनी में कितना अंतर है।

बता दें कि मार्च 2022 में धौलपुर जिले के बाड़ी में एईएन हर्षाधिपति के साथ विधायक गिर्राज मलिंगा और उनके समर्थकों ने मारपीट की थी। मारपीट में एईएन हर्षाधिपति के शरीर मे 22 जगह फ्रैक्चर आए थे। वो करीब डेढ़ साल से एसएमएस अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है।

बीजेपी-संघ की दलित विरोधी नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण
गहलोत ने कहा कि इस घटना ने हम सभी को विचलित किया है। पार्टी का विधायक होने के बावजूद हमने मलिंगा को गिरफ्तार करवाया। मलिंगा पर केस दर्ज करवाकर चालान पेश करवाया। हमारे शीर्ष नेतृत्व ने भी मामले में गंभीरता दिखाते हुए मलिंगा का टिकट काटा, ताकि लोगों में मैसेज जाए कि कानून से बड़ा कोई नहीं हैं। इस घटना के बाद बीजेपी ने हमारी सरकार पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन अब उस व्यक्ति को टिकट दे दिया जो इसका जिम्मेदार था। ये बीजेपी और संघ की दलित विरोधी नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।