राजस्थान विधानसभा में उठा ओपीएस मामला, टीकाराम जूली बोले – सरकार स्पष्ट करें ओपीएस चाहिए या एनपीएस, कर्मचारी हैं असमंजस में
जयपुर। राजस्थान में 16वीं विधानसभा सत्र का आज तीसरा दिन व प्रश्नकाल का दूसरा दिन है। कांग्रेस ने सरकार को प्रश्न काल में घेरने के लिए खास रणनीति बनाई थी। राजस्थान विधानसभा में आज ओल्ड पेंशन स्कीम का मामला उठा। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल पूछते हुए कहा कि, सरकार स्पष्ट करें की ओल्ड पेंशन स्कीम लागू रहेगी या एनपीएस। सरकार की इस देरी से कर्मचारी असमंजस में हैं।
टीकाराम जूली का सवाल, सदन के बिना अनुमति कैसे जारी हुआ आदेश
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कृषि विभाग के नियुक्ति आदेश का भी हवाला देते हुए कहा कृषि विभाग में अधिकारियों की भर्ती में जो आदेश जारी हुए हैं इस आदेश में नई पेंशन स्कीम का उल्लेख किया गया है। टीकाराम जूली ने सवाल किया कि सदन से बिना अनुमति यह आदेश कैसे जारी हो सकते हैं। पर्ची सरकार तो सुनी थी लेकिन अब ढीली सरकार भी आ गई है।
पेंशन योजना पर भाजपा सरकार असमंजस में
राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने के बाद कर्मचारियों में एक ही चर्चा है कि यह सरकार पुरानी पेंशन योजना को ही यथावत रखती है या नई पेंशन योजना को दोबारा लागू किया जाएगा। उधर, सरकार ओपीएस को लेकर लगातार फंसी नजर आ रही है। सरकार अभी तक निर्णय नहीं कर पाई है कि पूर्ववर्ती सरकार के ओपीएस लागू करने के आदेश को निरस्त किया जाए या नहीं। कृषि अधिकारियों की नियुक्ति में सरकार की गफलत भी जगजाहिर हो गई।
मामला क्या है जानें
कृषि आयुक्तालय ने 22 जनवरी को ही सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी रसायन, वनस्पति और पौध व्याधि के पदों पर नियुक्ति के आदेश जारी किए थे। आदेश में नियुक्तियों के संबंध में शर्तों का भी उल्लेख किया था। इन शर्तों में दूसरे नंबर पर लिखा गया कि नवनियुक्त अधिकारियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना वित्त विभाग के परिपत्र दिनांकर 29.01.2004 एवं 13.03.2006 के अनुसार लागू रहेगी। इस साल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू हुई थी। जैसे ही यह ऑर्डर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सरकार तक बात पहुंची, जिसके बाद विभाग ने एक संशोधित आदेश जारी करते हुए इस शर्त को विलोपित कर दिया।

