नाबालिग ने पिता पर लगाया बेचने का आरोप,परिवार ने 4 साल की उम्र में कर दी शादी, ससुराल जाने से मना किया तो मारने का प्रयास
चितौड़गढ़, @dainikkhabraan। भीलवाड़ा की एक नाबालिग ने चित्तौड़गढ़ पहुंचकर विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को लिखित रूप से अपने पिता और पिता के मामा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई हैं। शिकायत में नाबालिग ने पिता और परिजनों पर एक बड़ी उम्र के एक व्यक्ति को पांच लाख रुपए में बेचने का आरोप लगाया। बालिका ने अपनी जान का खतरा भी बताया। डालसा में चाइल्ड लाइन के जरिए बाल कल्याण समिति के सामने बालिका को पेश कर ओपन शेल्टर होम में आश्रय दिलवाया।
चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जूनियर असिस्टेंट सुशील तिवारी ने चाइल्ड लाइन पर फोन कर सूचना दी। जिसके बाद चाइल्ड लाइन टीम के सदस्य करण जीणवाल व काउंसलर ज्योति चुंड़ावत डालसा के ऑफिस पहुंचे और युवती से मिले।
पांच लाख रुपए लेकर बेचना चाहता हैं पिता
17 साल की युवती ने डालसा में लिखित शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि 13 साल पहले नाबालिक अवस्था में ही उसकी शादी बोराना निवासी से की गई थी। कुछ दिनों से उसके पिता, पिता के मामा और अन्य परिजन मिलकर उससे दुगुने उम्र के किसी व्यक्ति से 5 लाख रुपए लेकर उसे बेच रहे हैं। वह आदमी चित्तौड़गढ़ के राशमी क्षेत्र का रहने वाला है। जब नाबालिग ने जाने से मना किया तो परिजनों ने हत्या करने की धमकी दी।
16 अक्टूबर को भीलवाड़ा से भागी थी बालिका
युवती ने बताया कि घरवालों से डर के मारे को छुप-छुपाकर 16 अक्टूबर को अपने घर से निकली थी। चित्तौड़गढ़ के झांतला माता, रोडवेज बस स्टैंड और कालिका माता मंदिर में भटक रही है। उसने बताया कि इस दौरान किसी ने जिला विधिक प्राधिकरण में मिलने के लिए कहा तो वहां पर आकर शिकायत की। उसने कहा कि उसके परिवार वाले उसको जहर देने तक की भी कोशिश की है, इसलिए उसे सुरक्षा चाहिए।
काउंसलिंग में दिया अलग बयान
चाइल्ड लाइन में काउंसलिंग के दौरान दिए बयान में युवती ने बेचने की बात नहीं कही। नाबालिग ने कहा कि उसके पिता जबरदस्ती ससुराल भेजना चाहते हैं। जिसके बाद चाइल्ड लाइन ने बाल कल्याण समिति के सामने युवती को पेश किया। जहां से बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रियंका पालीवाल, सदस्य सीमा भारती गोस्वामी ने विचार-विमर्श कर अगली काउंसलिंग और कार्रवाई होने तक जिले के ओपन शेल्टर होम बालिका में अस्थाई रूप से आश्रय दिया। मामले को लेकर सदर थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।

