
शिक्षा विभाग में बड़ा एक्शन: जुलाई वेतन से पहले कर्मचारियों के सैलरी रिकॉर्ड की होगी जांच, गड़बड़ी मिलने पर होगी वसूली और कार्रवाई
दैनिक खबरां। राजस्थान शिक्षा विभाग में वर्षों से किए गए वेतन निर्धारण अब दोबारा जांच के दायरे में आ गए हैं। पुनरीक्षित वेतन, पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी और एमएसीपी के तहत हुए वेतन निर्धारणों में गड़बड़ियों की आशंका के चलते वित्त विभाग ने व्यापक पुनः परीक्षण के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब सभी कार्मिकों के सेवा अभिलेखों के आधार पर वेतन निर्धारणों की दोबारा जांच की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर अधीनस्थ कार्यालयों में चार सदस्यीय जांच कमेटियां गठित करने के निर्देश दिए हैं। ये कमेटियां नियमानुसार वेतन निर्धारणों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेंगी।
अधिक भुगतान की आशंका पर सख्ती
वित्त विभाग के संज्ञान में यह मामला आया कि कुछ कर्मचारियों के वेतन निर्धारण नियमों के विपरीत किए गए, जिससे अधिक भुगतान की स्थिति बनी। इसके बाद विभाग ने समय-समय पर किए गए सभी वेतन निर्धारणों की पुनः जांच कराने का फैसला लिया है।
विभाग ने इस बार जांच प्रक्रिया में जवाबदेही भी तय कर दी है। यदि भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि सामने आती है तो संबंधित जांच कमेटी के सदस्यों से अतिरिक्त भुगतान की वसूली की जा सकेगी। साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
जुलाई वेतन बिल से पहले देना होगा प्रमाणपत्र
जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जुलाई माह के वेतन बिलों से पहले आहरण एवं वितरण अधिकारियों से प्रमाणपत्र प्राप्त करें। इसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित कर्मचारियों के वेतन निर्धारणों की पुनः जांच कर ली गई है और वे नियमानुसार सही पाए गए हैं। प्रमाणन के बाद ही जुलाई माह का वेतन जारी किया जाएगा।
कमेटियों में कौन-कौन होंगे शामिल
संभागीय संयुक्त निदेशक कार्यालयों में सहायक निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी तथा ब्लॉक स्तर पर अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कमेटी के अध्यक्ष होंगे।
लेखा शाखा से वरिष्ठ लेखाधिकारी, लेखाधिकारी, सहायक लेखाधिकारी या कनिष्ठ लेखाधिकारी को सदस्य बनाया जाएगा। संबंधित कार्यालय का संस्थापन प्रभारी लिपिक सदस्य सचिव रहेगा, जबकि आवश्यकता अनुसार एक अन्य कार्मिक को चौथे सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
विभाग ने सभी कमेटियों को 10 जुलाई तक जांच प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

