चंद्रग्रहण कल, इतने बजे से लगेंगे सूतक, शरद पूर्णिमा के आयोजनों पर पड़ेगा असर, नहीं बनेगा रात को खीर का प्रसाद
बीकानेर। वर्ष का आखिरी चंद्र ग्रहण शनिवार को होगा। इस दिन शरद पूर्णिमा भी है। ऐसे में इस दिन शरद पूर्णिमा के उपलक्ष्य में होने वाले आयोजन भी नहीं होंगे। शरद पूर्णिमा पर सामान्यत: खीर का प्रसाद लगाकर भक्तों को बांटा जाता है, लेकिन इस बार रात के समय ग्रहण के कारण खीर का प्रसाद नहीं बनेगा। परम्परा देखें तो शरद पूर्णिमा की रात को चांद की रोशनी में खीर बनाकर रखी जाती है। मान्यता है कि इस खीर में शरद पूर्णिमा के चांद की समस्त कलाओं का असर आरोग्य देने वाला होता है। ऐसे में इस दिन चांदकी रोशनी में रखी खीर का सेवन करना चाहिए, लेकिन इस बार ग्रहण के कारण ऐसा नहीं हो पाएगा। यह रहेगी ग्रहण की अवधि ज्योतिषीय मामलों के जानकार पंडितों के अनुसार इस दिन रात एक बजकर चौदह मिनट से दो बजकर 28 मिनट तक ग्रहण रहेगा। इस अवधि में शरद पूर्णिमा के धार्मिक आयोजन नहीं हो पाएंगे। इससे पहले शाम चार बजकर चौदह मिनट से ही सूतक लग जाने के कारण धार्मिक आयोजनों का दौर रात के समय नहीं होगा। जहां धार्मिक आयोजन चल रहे हैं, उन्हें भी शनिवार शाम चार बजे तक संपन्न करना होगा।

