करोड़ों लोगों ने अपने घरों पर तिरंगा लगाया और उसके साथ सेल्फी भी अपलोड की अब जाने घर पर लगे तिरंगे को उतारकर रखने का नियम..

जयपुर

करोड़ों लोगों ने अपने घरों पर तिरंगा लगाया और उसके साथ सेल्फी भी अपलोड की अब जाने घर पर लगे तिरंगे को उतारकर रखने का नियम..

बीकानेर@दैनिक खबरां। आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर ‘ हर घर तिरंगा ‘ अभियान में आप ने भी अपने घर पर तिरंगा फहराया होगा । कुछ लोग इसे उतारने की सोच रहे होंगे । सबके लिए इसकी वजह अलग – अलग होंगी । जैसे- भोपाल वालों का तर्क था कि बारिश हो रही है , झंडा गंदा हो रहा है , तो उसे उतार देना चाहिए ।

वहीं , कुछ को लग रहा होगा कि इसे अच्छे से रख दें , अगले साल फिर काम आएगा । पर क्या आप जानते हैं कि राष्ट्र ध्वज यानी तिरंगे झंडे को उतारने के भी कुछ नियम है । आज उसकी बात करते हैं – घर की छत , – बालकनी , गार्डन या बिल्डिंग में लगे तिरंगे झंडे को उतारने के नियम के बारे में 

इसके लिए नीचे दिए ग्राफिक्स को पढ़ें

सवाल : मान लीजिए कि अगर झंडा गंदा हो गया है या कट – फट गया है , तो ऐसे में क्या करना चाहिए ?

जवाब : कोशिश करें कि झंडे को कोई नुकसान न हो , लेकिन फिर अगर कोई नकुसान पहुंच जाता है तो प्राइवेट तरीके से यानी एकांत में इसे नष्ट कर देना चाहिए । पानी में भी इसे विसर्जित कर सकते हैं ।

सवाल : अगर कोई तिरंगे का अपमान करता है , तो क्या इसे लेकर कोई सजा तय की गई है ?

जवाब : जी बिल्कुल । तिरंगे का अपमान करना पूरी तरह से गलत है । अगर कोई व्यक्ति तिरंगे झंडे को पब्लिकली जलाता है , गंदा करता है , कुचलता है या नियम के खिलाफ जाकर ध्वजारोहण करते हुए पाया जाता है , तो उसे 3 साल की जेल या जुर्माने की सजा हो सकती है । यह भी हो सकता है कि उस व्यक्ति को जेल और जुर्माना दोनों की सजा दी

सवाल : बहुत से लोग तिरंगे झंडे को घर के दूसरे काम में इस्तेमाल करने का मन बना रहे होंगे , क्या ये सही है ?

जवाब : बिल्कुल भी नहीं । फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के अनुसार , आप किसी भी उद्देश्य से तिरंगे झंडे का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं । जैसे

पर्दे के तौर पर •
टेबल या मेज को ढंकने के लिए
गाड़ी , ट्रेन या नाव में लपेटने के लिए. किसी बिल्डिंग में कवर के तौर पर

तिरंगे का इस्तेमाल ऊपर लिखी इन सभी चीजों के लिए किसी भी हालात में नहीं करना चाहिए ।

तिरंगे झंडे से जुड़े कुछ दूसरे नियम भी जान लीजिए

कभी भी झंडे पर कोई दूसरी फोटो या पेंटिंग नहीं बनी होनी चाहिए ।

फटा हुआ और मैला झंडा नहीं फहराया जा सकता है ।

झंडे को कभी भी झुका कर नहीं रखना चाहिए । जहां तिरंगा फहराया जा रहा है , वहां यह सबसे ऊपर होना चाहिए ।

जिस जगह तिरंगा झंडा फहराया जा रहा है , वहां इसके साथ कोई दूसरा झंडा इससे ऊपर नहीं होना चाहिए ।

जिस खंभे या बिल्डिंग पर झंडा लगा हो , उस पर किसी तरह का विज्ञापन नहीं होना चाहिए

चलते – चलते

कौन से लोग और कब फहरा सकते हैं तिरंगा झंडा ?

26 जनवरी 2002 के फ्लैग कोड के नियम 2.2 की मानें तो कोई भी व्यक्ति , शैक्षणिक संस्था और प्राइवेट या सरकारी संस्था तिरंगा झंडा पूरे सम्मान के साथ किसी भी दिन या किसी भी अवसर पर फहरा सकते हैं ।