
नोखा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, पीएचसी के बाहर महिला ने दिया बच्चे को जन्म
दैनिक खबरां, बीकानेर। बीकानेर जिले के नोखा इलाके में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। भादला गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को अस्पताल परिसर के बाहर ही खुले में बच्चे को जन्म देना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद क्षेत्र में नाराजगी का माहौल बन गया है।
अस्पताल पहुंचने पर नहीं मिला स्टाफ
जानकारी के अनुसार शोभाना गांव की गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर उसके परिजन तुरंत भादला स्थित पीएचसी लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही नर्सिंग स्टाफ। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद जब किसी तरह की चिकित्सा सहायता नहीं मिली तो महिला ने अस्पताल के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया।
मां और नवजात सुरक्षित
हालांकि राहत की बात यह है कि महिला और उसका नवजात दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। लेकिन इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों में रोष, अस्पताल के बाहर धरना
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। नाराज लोगों ने अस्पताल परिसर में ही धरना देकर जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि पीएचसी में स्टाफ की कमी और लापरवाही की शिकायत पहले भी कई बार की जा चुकी है, लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ।
मंत्री के प्रभार वाले जिले में लापरवाही पर सवाल
गौरतलब है कि यह घटना उसी जिले में हुई है जिसे प्रदेश के चिकित्सा मंत्री का प्रभार क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मंत्री के जिले में ही स्वास्थ्य सेवाओं की यह स्थिति है तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


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