बीकानेर शहर से रेलवे लाइन हटाने पर हाईकोर्ट सख्त, रेलवे ने विकल्प तलाशने का दिया भरोसा
दैनिक खबरां, बीकानेर। बीकानेर शहर के बीच से गुजर रही रेलवे लाइन को हटाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर जोधपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान रेलवे प्रशासन ने अदालत को आश्वस्त किया कि शहर से रेलवे ट्रैक स्थानांतरित करने की संभावना पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
यह मामला याचिकाकर्ता रामकृष्ण दास गुप्ता की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें कोटगेट रेलवे लाइन पर प्रस्तावित अंडरब्रिज निर्माण का विरोध किया गया है। मामले की सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ, न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर एवं न्यायमूर्ति चंद्रशेखर शर्मा के समक्ष हुई।
रेलवे की ओर से पेश अधिवक्ता बी.पी. बोहरा ने न्यायालय को बताया कि रेलवे के सक्षम अधिकारी बीकानेर शहर से रेलवे ट्रैक को हटाने अथवा स्थानांतरित करने की व्यवहारिकता का परीक्षण करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ट्रैक शिफ्ट करना संभव पाया गया, तो रेलवे द्वारा आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
खंडपीठ ने इस मामले को पूर्व में दायर जनहित याचिका मुकुल कृष्ण व्यास एवं अन्य बनाम भारत संघ से जोड़ते हुए अगली सुनवाई के लिए समय प्रदान किया है। उल्लेखनीय है कि यह जनहित याचिका वर्ष 2014 में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर के छात्र रहते मुकुल कृष्ण व्यास द्वारा दायर की गई थी।
रामकृष्ण दास गुप्ता लंबे समय से बीकानेर शहर से रेलवे लाइन हटाने के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी ओर से अधिवक्ता अनिल व्यास ने पक्ष रखा। वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एन.एस. राजपुरोहित, बी.पी. बोहरा, दीपक चांडक, अतिरिक्त बीएल भाटी एवं शीतल कुंभट न्यायालय में उपस्थित रहे।
मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा कोटगेट क्षेत्र में सांखला फाटक अंडरपास एवं कोटगेट के सामने अंडरब्रिज निर्माण के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया जा चुका है। इस परियोजना से जुड़ी अधिकांश औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शेष है। साथ ही, बजट राशि में वृद्धि पर भी विचार किया जा रहा है।

