जोधपुर में DGGI की बड़ी कार्रवाई: नामी ट्रांसपोर्टर के ठिकानों पर छापे, करोड़ों की जीएसटी चोरी का संदेह

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जोधपुर में DGGI की बड़ी कार्रवाई: नामी ट्रांसपोर्टर के ठिकानों पर छापे, करोड़ों की जीएसटी चोरी का संदेह

जोधपुर। जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) की टीम ने शुक्रवार को जोधपुर में एक प्रमुख ट्रांसपोर्टर समूह के ठिकानों पर एक साथ बड़ी कार्रवाई की। टीम ने पाली रोड, बासनी सेकंड फेज और कृष्णा नगर स्थित बंगलों, ऑफिस व गोदामों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई बोगस बिलिंग और बिल्टी के जरिए की जा रही जीएसटी चोरी के संदेह पर की गई है। सूत्रों के अनुसार, उक्त ट्रांसपोर्टर फर्म लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टैक्स चोरी के नेटवर्क से जुड़ी हुई थी। इन्हीं बोगस बिलिंग के माध्यम से कई अन्य व्यापारियों ने भी गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाया था।

40 से अधिक अफसरों ने की एक साथ छापेमारी
जयपुर से आई DGGI की करीब 40 से अधिक अधिकारियों की टीमों ने सुबह से ही रीतू रोडलाइंस और उससे जुड़ी फर्मों के ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। पाली रोड स्थित गोयल परिवार के चार भाइयों के बंगलों और बासनी सेकंड फेज में दफ्तर व गोदाम पर भी एक साथ दबिश दी गई। टीम ने घरों, दफ्तरों और गोदामों में रखे दस्तावेजों, फाइलों और कंप्यूटर डेटा की गहन जांच की। प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग, संदिग्ध खातों और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं।

डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त
जांच के दौरान विभाग ने बड़ी मात्रा में डिजिटल रिकॉर्ड, अकाउंट बुक्स और अन्य वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। सूत्रों के अनुसार, फर्म द्वारा ट्रक बिल्टी और फर्जी इनवॉयस के जरिए करोड़ों रुपए के टैक्स इनपुट का दावा किया गया था।

आगे की कार्रवाई तय
डीजीजीआई अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर टैक्स चोरी की राशि बड़ी निकलने की संभावना है। ऐसे में आगामी दिनों में फर्म के मालिकों की गिरफ्तारी या करोड़ों की टैक्स रिकवरी की कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही जब्त डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।