बीकानेर में एमएसपी पर खरीद संकट गहराया, टेंडर प्रक्रिया अटकी, किसानों की बढ़ी चिंता

बीकानेर

बीकानेर में एमएसपी पर खरीद संकट गहराया, टेंडर प्रक्रिया अटकी, किसानों की बढ़ी चिंता

दैनिक खबरां, बीकानेर। बीकानेर में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं सहित अन्य फसलों की खरीद को लेकर तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में हैंडलिंग और ट्रांसपोर्ट ठेकेदारों की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाई है। सहकारिता विभाग की कड़ी शर्तों के कारण टेंडर प्रक्रिया अटक गई है, जिससे किसानों को आने वाले दिनों में खरीदी को लेकर परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

एमएसपी पर खरीद की तारीख नजदीक आने के बावजूद बीकानेर, लूणकरणसर और श्रीडूंगरगढ़ समितियों में अब तक आवश्यक ठेके नहीं दिए गए हैं। जब तक ये नियुक्तियां पूरी नहीं होतीं, खरीदी गई फसलों को रखने या ले जाने की व्यवस्था संभव नहीं होगी।

इस बार सहकारिता विभाग ने टेंडर प्रक्रिया में कुछ नई शर्तें जोड़ी हैं। पहले पांच वर्ष का अनुभव जरूरी था, जिसे घटाकर दो वर्ष किया गया, लेकिन इसके बावजूद भी योग्य फर्म नहीं मिल सकी। श्रीडूंगरगढ़ समिति के लिए गुरुवार को खोले गए टेंडरों में कोई भी बोली सफल नहीं हो पाई।

यदि समय रहते टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो समर्थन मूल्य पर खरीद कार्य प्रभावित होगा। इससे किसानों को सीधे तौर पर नुकसान झेलना पड़ सकता है। किसानों ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं कि यह लापरवाही किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ है।

स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि टेंडर प्रक्रिया को जानबूझकर उलझाया गया, ताकि बाद में चहेती फर्मों को ठेके दिए जा सकें। किसानों का कहना है कि नियम इतने कड़े रखे गए हैं कि स्थानीय परिवहनकर्ता पात्र ही न ठहरें।

सहकारिता विभाग के उप-रजिस्ट्रार कैलाश चंद्र सैनी ने बताया कि टेंडर की शर्तों के अनुसार योग्य फर्में नहीं मिलीं। फिलहाल मामला राजफैड के पास है। आवश्यकता पड़ी तो दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि खरीद कार्य समय पर पूरा हो सके।