दौसा जिले की राजनीतिक ताकत और बढ़ी, पांच में से तीन विधायक मंत्री
दौसा/जयपुर, @dainikkhabraan। लंबी जद्दोजहद के बाद बहुप्रतीक्षित गहलोत मंत्रिमंडल का पुनर्गठन हो गया है। राजभवन में 15 नए चेहरों ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल कलराज मिश्र ने इन 15 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इनमें 11 कैबिनेट और चार राज्य मंत्री हैं।
राजस्थान में मंत्रिमंडल पुनर्गठन के बाद दौसा जिले की राजनीतिक ताकत और बढ़ गई है। मंत्रिमंडल में मुरालीलाल मीणा को जगह मिलने के बाद जिले के पांच विधायकों ( दौसा, लालसोट, बांदीकुई, सिकराय और महवा विधानसभा सीट ) में से 3 विधायक ( परसादी लाल मीणा, ममता भूपेश और मुरारीलाल मीणा) मंत्री हैं।
इनमें से लालसोट विधायक परसादी लाल मीणा पहले से ही केबिनेट मंत्री है। वहीं सिकराय से विधायक ममता भूपेश को प्रमोशन देकर राज्यमंत्री से केबिनेट मंत्री बनाया गया है। दौसा से विधायक मुरारीलाल मीणा को बतौर राज्यमंत्री गहलोत केबिनेट में शामिल किया गया है। दौसा विधायक मुरारीलाल मीणा और बांदीकुई विधायक जीआर खटाणा पायलट खेमे से हैं। परसादी लाल और ममता भूपेश सीएम गहलोत समर्थक हैं।
मुरालीलाल मीणा इससे पहले भी मंत्री रह चुके हैं और तीसरी बार विधायक बने हैं। मंत्री बनाए जाने पर मुरारीलाल मीणा ने कहा कि आलाकमान ने मुझे मंत्री के रूप में मौका दिया। उसके लिए मैं कांग्रेस नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं। मैं इससे पहले बतौर विधायक जनता की सेवा में लगा रहा। अब भी मैं जनता की सेवा करता रहूंगा।
कांग्रेस ने मुझ पर सदा विश्वास जताया है। पहले विधायक का टिकट दिया। फिर मेरी पत्नी को लोकसभा उम्मीदवार बनाया। पहले भी मंत्री रहा हूं। अब दोबारा जिम्मेदारी मिली है। इसे बखूबी ढंग से निभाने का प्रयास करूंगा। वहीं जीआर खटाणा पहली बार विधायक बने हैं। सरकार को समर्थन दे रहे महवा से निर्दलीय विधायक ओपी हुड़ला दूसरी बार विधायक बने हैं। वे वसुंधरा सरकार में संसदीय सचिव रह चुके हैं। इस बार उनको टिकट नहीं मिला तो उन्होंने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

