लड़की बन आईटी इंजीनियर से अश्लील चैट, ठगी : फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई, गंदे वीडियो दिखा जाल में फंसाया फिर अधिकारी बन धमकाया, 27 लाख वसूले
भरतपुर, @dainikkhabraan। फेसबुक पर फर्जी आईडी बना भरतपुर के ई-मित्र संचालक ने आईटी इंजीनियर से लाखों रुपए ठग लिए। पहले अश्लील वीडियो दिखा उसका वीडियो बनाया फिर दिल्ली साइबर सेल का अधिकारी बनकर धमकाया। फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर करीब 27 लाख रुपए की ठगी कर ली। मामला सामने आने के बाद पीड़ित युवक ने हैदराबाद पुलिस को शिकायत दी। इस पर बुधवार को हैदराबाद पुलिस भरतपुर के कैथवाड़ा थाने पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
दरअसल, हैदराबाद के मयूर नगर के रहने वाले रतनकर के फेसबुक अकाउंट पर संजना नाम की लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। इसे उसने एक्सेप्ट कर लिया। आरोपी युसूफ ई-मित्र संचालक है, जो लड़की बनकर अश्लील चैट कर रहा था। उसने पीड़ित का व्हाट्सऐप नंबर भी ले लिया। ठग ने 5 नवंबर को उसे वीडियो कॉल किया और दूसरे फोन से गंदे वीडियो चलाकर दिखाने लगा। रतनकर को लगा कोई लड़की है। इस बीच दोनों में गंदी चैट भी होने लगी। 9 नवंबर को रतनकर के पास फिर कॉल किया। इस बार अपने आप को दिल्ली साइबर सेल का विक्रम राठौर बताते हुए धमकाना शुरू किया। ई-मित्र संचालक फर्जी अधिकारी बनकर पैसों की मांग करने लगा।
फर्जी अधिकारी बन धमकाया, बोला: संजना सुसाइड करना चाहती है
आरोपी बोला कि संजना सुसाइड करना चाहती है। उसके खिलाफ मामला दर्ज होगा। यदि वह इस मामले से बचना चाहता है तो संजना को पैसे दे दे। इसके बाद उसने पीड़ित से अलग-अलग खातों में 27 लाख रुपए डलवा लिए। कुछ दिन बाद ठग ने रतनकर को दोबारा कॉल किया और कहा कि उसकी गंदी बातों के स्क्रीन शॉट और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। ऐसा नहीं चाहते तो 60 हजार रुपए दे दो। रतनकर ने बदनामी के डर से ये रुपए भी दे दिए। इसके बाद भी आरोपी लगातार उसे परेशान करता रहा। आखिरकार तंग होकर उसने हैदराबाद पुलिस में इसकी शिकायत की।
पुलिस की तफ्तीश में हुआ खुलासा
हैदराबाद पुलिस ने जब मामले में छानबीन की तो पता लगा कि जिन खातों में रतनकर ने पैसे डलवाए वह सभी खातों से रुपए का ट्रांजेक्शन कर एक खाते में जा रहे हैं। जांच में सामने आया कि यह अकाउंट युसूफ का था। वह कैथवाड़ा थाने के धर्मशाला गांव का रहने वाला है। वह ई-मित्र सेंटर चलाता है। इसमें से उसने 15 लाख रुपए निकाल भी लिए थे। उधर, हैदराबाद की साइबर सेल के अधिकारियों ने भरतपुर एसपी देवेंद्र विश्नोई से बात की और पुलिस की साइबर टीम भरतपुर पहुंची। यहां युसूफ की लोकेशन निकाल कर उसे कैथवाड़ा पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया।

