राजगढ़ मामला: BJP जांच दल की ‘तफ्तीश’ के बीच सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा को लेकर आई ये खबर
अलवर के राजगढ़ में धार्मिक स्थलों पर बुलडोज़र चलाने का मामला, गहलोत सरकार को चौतरफा घेरने में जुटी भाजपा, भाजपा रणनीति फिर चर्चा में, नेताओं का ‘मकसद एक- राहें जुदा-जुदा’ ! घटनास्थल पर पहुंच रहा भाजपा का 5 सदस्यीय जांच दल, सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा फिर ‘एक्ला चलो’ राह पर, राजगढ़ पुलिस थाने के सामने सांसद का डेरा, रात बिताई
जयपुर, @Dainikkhabraan। अलवर के राजगढ़ में धार्मिक स्थलों पर बुलडोज़र चलाने का मामला गर्माया हुआ है। इस मुद्दे को पुरज़ोर तरीके से उठाते हुए भाजपा गहलोत सरकार को चौतरफा घेरने की कोशिशों में है। हालांकि इस बीच प्रदेश भाजपा की रणनीति के बीच राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा की ‘एक्ला चलो’ की राजनीति चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया की ओर से गठित जांच दल से इतर सांसद मीणा विभिन्न मांगों को लेकर राजगढ़ में धरना दे रहे हैं।
रात भर धरने पर डटे रहे सांसद मीणा
सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने विभिन्न मांगों को लेकर राजगढ़ पुलिस थाने के बाहर डेरा डाला हुआ है। शुक्रवार शाम से शुरू हुआ सांसद का धरना रात भर जारी रहा। सांसद ने धरना स्थल पर ही सोकर रात बिताई। दरअसल, भाजपा सांसद मीणा ने महंत प्रकाश दास के साथ राजगढ़ पुलिस थाने पहुंचकर मामले की एफआईआर दर्ज कराने के लिए परिवाद दिया।सांसद मंदिर तोड़ने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।
5 सदस्यीय दल पहुंच रहा राजगढ़
सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा की ‘एक्ला चलो’ राजनीति से इतर प्रदेश भाजपा का पांच सदस्यीय जांच दल आज घटनास्थल पर पहुंचेगा। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जांच दल उस जगह का जायज़ा लेगा जहां निर्माणों और धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ की गई है। जांच दल की सदस्य विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने बताया कि मौके पर पहुंचकर विभिन्न पक्षों से बातचीत कर तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की जायेगी। इस रिपोर्ट को प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया को सौंपा जाएगा।
ये सीनियर नेता हैं जांच कमेटी में शामिल
सांसद सुमेधानंद सरस्वती, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक चंद्रकांता मेघवाल, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक राजेंद्र सिंह शेखावत, राजनीतिक प्रतिपुष्टि व फीडबैक विभाग के प्रदेश सह संयोजक बृज किशोर उपाध्याय, भवानी मीणा।
सरकार ने थमाया बोर्ड को नोटिस
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने भाजपा नगर पालिका बोर्ड को नोटिस थमा दिया है। नोटिस का जवाब देने के लिए 12 घंटे का समय दिया गया है। नोटिस में पूछा गया है कि आखिर 300 वर्ष पुराने मंदिर को क्यों तोड़ा गया?
गौरतलब है कि अलवर के राजगढ़ में भाजपा का निकाय बोर्ड है। चेयरमैन भी भाजपा का है। सामने आया है कि इन निर्माणों को ध्वस्त करने का प्रस्ताव बोर्ड में ही लाया गया, जिसके बाद सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिरों और घरों को गिराया गया।

