फुंसी की जगह दी बदले गर्भ रोकने की दवा, जीएनएम पर्ची में लिखी अंग्रेजी नहीं पढ़ सकी, दे दी गर्भ रोकने की दवा….

चिकित्सा राज्य

फुंसी की जगह दी बदले गर्भ रोकने की दवा,जीएनएम पर्ची में लिखी अंग्रेजी नहीं पढ़ सकी, दे दी गर्भ रोकने की दवा

रानाेली सीएचसी में दी गई दवा।

डॉक्टर ने लिखी थी फुंसी ठीक होने की दवा, जीएनएम को नोटिस जारी किया

रानोली/सीकर। रानोली सीएचसी में जीएनएम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। हुआ यूं कि एक युवती चेहरे पर निकली फुंसी की दवा लेने आई थी। डॉक्टर को दिखाने के बाद वह दवा काउंटर पर गई तो जीएनएम ने उसे गर्भ रोकने की दवा दे दी। मरीज ने पुन: डॉक्टर को दवा दिखाई तो वे भी हैरान रह गए और बोले ये दवा तो मैंने लिखी ही नहीं। किसने दी ये गर्भ रोकने की दवा।

डॉक्टर ने दवा वितरण कक्ष में जाकर वहां मौजूद जीएनएम संतोष से दवा के बारे में पूछा तो जवाब मिला कि वह अंग्रेजी पढ़ना नहीं जानती है, उसे दवा का नाम पढ़ने में नहीं आया। इसे लेकर चिकित्साधिकारी डॉ. नितेश शर्मा व जीएनएम के बीच नोक-झोंक भी हुई।

मामला बढ़ता देख चिकित्सा प्रभारी डॉ. कमलेश बेनीवाल ने भी नाराजगी जताई और दवा काउंटर पर बैठी संतोष को बिना जानकारी के ऐसी दवा देना अपराध बताया। डॉ. बेनीवाल ने जीएनएम संतोष को इस मामले में नोटिस देकर जवाब मांगने की बात कही है।

डॉ. बेनीवाल ने कहा कि मरीज को गलत दवा देना बड़ा अपराध है। इसके लिए उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया जाएगा। जांच के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जीएनएम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

चिकित्साधिकारी डॉ. नितेश शर्मा ने बताया कि शनिवार दोपहर अनिरुद्ध शर्मा रानोली निवासी मनोज कुमार छोटी बहन के चेहरे पर हुई फुंसी की दवा लेने आया था। उन्होंने आईसोट्रीटोइन दवा लिखी थी, लेकिन दवा काउंटर पर बैठी जीएनएम संतोष ने मरीज को गर्भ रोकने की दवा आइसोक्ससुप्राइन दे दी।

मरीज दवा लेने के बारे में पूछने आया तो इसका खुलासा हुआ। अन्यथा बड़ा खतरा हो सकता था। इस पर संतोष नाराज हो गई व कहा कि उसे अंग्रेजी नहीं आती। अनिरुद्ध को गर्भ रोकने की दवा देने की बात का पता चला तो उसने उसी वक्त टोल फ्री नंबर 181 पर भी शिकायत कर दी तथा अस्पताल प्रभारी डॉ. कमलेश बेनीवाल को जीएनएम संतोष के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लिखित में शिकायत दी।