चेक के जरिए पेमेंट को लेकर 15 अगस्‍त से बदल रहे हैं नियम, जरा रखें ध्यान…..

देश नई दिल्ली

चेक के जरिए पेमेंट को लेकर होने वाले फ्रॉड पर काबू पाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने पॉजिटिव पे सिस्‍टम को 1 जनवरी 2021 से लागू कर दिया था। लेकिन अब 15 अगस्‍त से इसे अनिवार्य कर दिया जाएगा। पब्लिक सेक्‍टर के इंडियन बैंक ने अपने ग्राहकों को इस बारे में अलर्ट भेजना शुरू कर दिया है। बैंक ने अपने ग्राहकों को मैसेज भेजकर बताया है कि 15 अगस्‍त 2021 से 2 लाख रुपये या इससे ज्‍यादा के चेक पर पॉजिटिव पे सिस्‍टम (PPS) लागू कर दिया जाएगा।

दरअसल, चेक फ्रॉड के मामले बड़ी संख्‍या में आने के बाद आरबीआई ने पॉजिटिव पेमेंट सिस्‍टम को लेकर गाइडलाइंस जारी किया था। इसे 1 जनवरी 2021 से लागू भी कर दिया गया है।

आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि 50,000 रुपये या इससे ज्‍यादा रकम के चेक जारी करने वाले सभी अकाउंट होल्‍डर्स के लिए इस सुविधा को लागू किया जाएगा।

चेक के जरिए 2 लाख रुपये से ज्‍यादा के पेमेंट के लिए जरूरी

आरबीआई ने यह भी कहा था कि बैंक अपनी ओर से इस सुविधा को 5 लाख रुपये या इससे अधिक रकम के लिए अनिवार्य भी कर सकते हैं। आरबीआई के गाइडलाइंस के अनुसार, इंडियन बैंक ने चेक के जरिए 2 लाख रुपये या इससे ज्‍यादा के पेमेंट पर इस सुविधा को लागू कर दिया गया है। इंडियन बैंक अब इसे 15 अगस्‍त से अनिवार्य कर देगा।

क्‍या है पॉजिटिव पेमेंट सिस्‍टम?

पॉजिटिव पेमेंट सिस्‍टम को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने तैयार किया है। इस सिस्‍टम के तहत ज्‍यादा रकम में लेनदेन करने वाले ग्राहकों को अपने चेक के बारे में कुछ जरूरी जानकारी बैंक को देनी होती है। इसके बाद इन चेक का पेमेंट क्लियर करते समय इन डिटेल्‍स का मिलान किया जाता है। कोई भी गड़बड़ी या डिटेल्‍स के न मिलान होने की स्थिति में पेमेंट रोक दिया जाता है।

चेक पेमेंट को लेकर बैंक को कौन सी जानकारी देनी होगी?

इंडियन बैंक ने कहा है कि ग्राहकों को अपने अकाउंट नंबर, चेकर नंबर, जारी करने की तारीख, ट्रांजैक्‍शन कोड, एमआईसीआर कोड को बैंक के साथ जारी करना होगा। इन डिटेल्‍स को चेक क्लियरिंग को भेजे जाने के 24 घंटे पहले शेयर करना होगा। बैंक ग्राहक इन जानकार‍ियों को वेबसाइट, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंक‍िंग या होम ब्रांच में जाकर दे सकते हैं।