कोचिंग संचालक की बहन से थी टीचर की नजदीकियां: REET में सिलेक्शन के लिए उसी के जरिए बच्चों से रुपए लिए, 50 हजार की सुपारी दे मरवाया….

उदयपुर पुलिस कार्रवाई राजस्थान राज्य

कोचिंग संचालक की बहन से थी टीचर की नजदीकियां: REET में सिलेक्शन के लिए उसी के जरिए बच्चों से रुपए लिए, 50 हजार की सुपारी दे मरवाया

उदयपुर। उदयपुर के फलासिया थाना इलाके में कोचिंग टीचर हर्ष कलाल की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो गई है। बाकी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस इस मामले में शेष रहे सह आरोपी पुष्कर और दिनेश को पकड़ने के लिए खेरवाड़ा, झाडोल, मादड़ी और केसरिया जी के इलाकों के कई गांव में पहुंची। पुलिस मुख्य आरोपी संजय परमार की पीसी रिमांड की मांग करेगी। पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि कोचिंग संचालक की बहन की टीचर से नजदीकियां बढ़ रही थीं। इसलिए भी हर्ष संजय की नजर में खटक रहा था।

कोचिंग संचालक की बहन से थी नजदीकियां
मुख्य आरोपी संजय परमार कोचिंग सेंटर संचालक था। हर्ष यहां टीचर था। रीट से पहले संजय ने कई छात्रों को अपनी पहुंच के चलते सिलेक्शन करवाने की बात कहते हुए डेढ़ से ढाई लाख रुपए प्रति छात्र वसूल किए। हर्ष के स्थानीय होने के चलते छात्रों से राशि हर्ष के माध्यम से ली गई थी। रीट का दीपावली से पूर्व रिजल्ट आने के बाद से ही छात्रों का चयन नहीं होने पर उन्होंने हर्ष से तकाजा करना शुरू कर दिया। हर्ष मुख्य आरोपी संजय से तकाजा करता रहा। रुपए वापस नहीं लौटाने पड़े, ऐसे में हर्ष की हत्या कर दी गई।

हर्ष से रुपए वापस मांग रहे थे स्टूडेंट्स
आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कई अभ्यर्थियों को रीट में पास करवाने का वादा किया था। कोई सेटिंग नहीं बैठने पर वो किसी को भी पास नहीं करवा सका। रिजल्ट आने के बाद से कई स्टूडेंट्स हर्ष को पैसे वापस लौटाने का दबाव बना रहे थे। ऐसे हर्ष भी रोजाना पैसे वापस देने की मांग कर रहा था। संजय ने पैसे खर्च कर दिए थे। उसने बताया हर्ष को कोचिंग से जरिए कई स्टूडेंट्स से ली गई रकम के बारे में सब जानकारी थी। हालांकि पुलिस में जाने की धमकी पर कुछ लोगों को पैसे लौटाए भी थे।

मृतक हर्ष कलाल।

हर्ष को वॉट्सएप कॉल कर बुलाया, ताकि डिटेल नहीं आए
आरोपी ने करीब 15 दिन पहले ही हर्ष को मारने का प्लान बना लिया था। उसने पुष्कर और दिनेश को शामिल कर उन्हें भी 50 हजार देने की बात कही। इसके बाद रविवार शाम को संजय ने वॉट्सऐप कॉल कर हर्ष को पार्टी में बुलाया। इसके बाद हर्ष बाइक लेकर मौके पर पहुंचा। इसी दौरान पहले पुष्कर और दिनेश ने जमकर शराब पी और मौका पाकर हर्ष पर बोटल से वार कर दिए। इसके बाद भी उन्होंने गमछे से गला घोंटा और पत्थरों से भी सिर पर वार किए। इसके बाद शव को घसीट कर पास की गुफा में ​फेंक दिया। बाइक को भी छिपाकर अपने-अपने घर चले गए। संजय ने दोनों साथियों को हत्या में सहयोग करने के लिए 50 हजार भी दिए।

इस हत्या पीछे आरोपी ने दूसरा कारण उसकी बहन से हर्ष का लगातार बढ़ता मेल-जोल भी बताया है। उसने बताया कि दोनों को लगातार मना करने के बाद भी हर्ष उसकी बहन से बात करता था। कॉलेज में परीक्षा से एक दिन पूर्व भी बहन कोचिंग सेंटर आई तो हर्ष भी वहीं रुका रहा।

संजय परमार की कोचिंग में पढ़ाता था हर्ष
पुलिस जांच में सामने आया कि संजय परमार विगत दो-तीन वर्षों से फलासिया एवं मादडी क्षेत्र में कोचिंग चला रहा था। मृतक हर्ष कलाल संजय परमार के कोचिंग संस्थान रघुनंदन क्लासेज में प्रतियोगी परीक्षाओं के स्टूडेंट्स को पढ़ाता था। हर्ष कलाल ने कोचिंग के साथ-साथ संजय परमार के कहने पर आसपास के क्षेत्र के परीक्षार्थियों को रीट में पास करवाने डेढ़ से ढाई लाख रुपए लेते हुए संजय परमार को दिए।

नकल गिरोह से संबंध पर की जा रही जांच
एसपी मनोज चौधरी ने बताया कि संजय परमार से पूछताछ जारी है। पिछले दिनों में उसने कितने स्टूडेंट से रीट परीक्षा में पास करवाने के लिए पैसे ऐंठे। पुलिस यह भी पता करने की कोशिश कर रही है कि संजय का किसी नकल गिरोह से कोई संबंध है नहीं। अब तक की पूछताछ में किसी भी नकल गिरोह या ऐसे संदिग्ध व्यक्ति से कोई कनेक्शन सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि संभव है कि मृतक हर्ष संजय परमार के रीट परीक्षा में पास करवाने को लेकर कोई महत्वपूर्ण राज जानता हो। ऐसे में भी उसकी जान पर बन आई। पुलिस ने कोचिंग सेंटर पर रीट परीक्षा की तैयारी कर चुके कुछ स्टूडेंट से भी जानकारी जुटाई है।