डूडी के किसान सम्मेलन सें मुख्यमंत्री ने उठाई दूध और नींबू को मिलाने वाली बात! और ये भी बोले-मैं देते-देते नहीं थकूंगा..! आखिर क्या है पूरा माजरा..
बीकानेर, दैनिक खबरां । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- बीजेपी ने आते ही रिफाइनरी सहित हमारी योजनाओं को बंद कर दिया। नींबू और दूध में यही फर्क है। वसुंधरा राजे के समय की योजनाओं को हमने बंद नहीं किया। हमने तो उनकी सारी योजनाओं को चालू रखा है वसुंधरा राजे ने बीकानेर संभाग के सूरतगढ़ में ही बोला था कि नींबू और दूध मिल नहीं सकते तो आप दोनों में फर्क देख सकते हैं।
दूध और नींबू में अंतर वाले बयान पर पलटवार
जसरासर गांव में बुधवार को किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने इस किसान सम्मेलन के बहाने शक्ति प्रदर्शन किया। इसी कार्यक्रम में दोपहर करीब तीन बजे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी पहुंचे थे। सम्मेलन के बाद गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए वसुंधरा राजे के दूध और नींबू में अंतर वाले बयान पर पलटवार किया।
मैं देते-देते नहीं थकूंगा
इससे पहले सम्मेलन में अशोक गहलोत ने कहा- मैंने सभी विधायक और मंत्रियों से कहा है कि तुम मांगते मांगते थक जाओगे, मैं देते-देते नहीं थकूंगा। मुझे पता नहीं था कि ये विधायक जिले मांग लेंगे। तब भी मुझे इनके वादे पूरे करने पड़े। 19 जिले राजस्थान की जनता को दे दिए, क्योंकि मैंने कहा था देते हुए थकूंगा नहीं।
दरअसल,यह बात मुख्यमंत्री ने जसरासर (नोखा) में भामाशाह स्व. चौधरी दानाराम तर्ड़ की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही । उन्होंने कहा कि स्व. चौधरी दानाराम तर्ड़ महान समाजसेवी तथा भामाशाह थे। क्षेत्र के विकास तथा सामाजिक कार्यों में हमेशा तत्पर रहे। उनकी मूर्ति का अनावरण होने से यहां के युवाओं को सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने जसरासर के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं की। इनमें जसरासर में नवीन महाविद्यालय, गौण मण्डी तथा जसरासर उप-तहसील को तहसील में क्रमोन्नत करना शामिल है।
लोगों के चेहरे खिल उठे
बीकानेर के नोखा में लोगों के चेहरे उस समय खिल उठे, जब स्वयं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें महंगाई से राहत दिलाने वाले गारंटी कार्ड सौंपे। मुख्यमंत्री ने बुधवार को बीकानेर में महंगाई राहत कैंप का निरीक्षण करते हुए लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन कराया, फिर संवाद करते हुए योजनाओं की जानकारी दी। लाभार्थियों ने कहा कि महंगाई की मार से अब राहत मिलेगी और परिवार की बचत भी बढ़ेगी।
बीजेपी की मंशा खतरनाक
सीएम अशोक गहलोत ने कहा- बीजेपी की मंशा बहुत खतरनाक है। देश समय पर नहीं समझा तो आने वाली पीढियां भुगतेंगी। यहां रूस, चीन की तरह चुनाव होंगे, लेकिन नकली चुनाव होंगे। एक पार्टी होगी। वो नही आपस में चुनाव लड़कर नाटक करेगी। सत्ता में बार-बार आएगी। आज हम सांसद और विधायक बनने गरीब के घर में जाते हैं। किसान के घर जाते हैं। बुजुर्ग लोगों के पैरों के हाथ लगाते हैं। यह सब खत्म हो जाएंगे। आम आदमी का सम्मान लोकतंत्र की वजह से है।
महंगाई राहत कैंप का दौरा किया
इससे पहले सीएम ने यहां महंगाई राहत कैंप का भी दौरा किया। राहत कैंप में सीएम ने फुर्सी देवी नाम की एक महिला से सरकारी योजनाओं को लेकर बात की। महिला ने मुख्यमंत्री से कहा- आप जो दे रहे हैं, वो जोरदार है। आप तो गांवों में महिलाओं के सिर से ये घूंघट हटवाओ। इस पर गहलोत ने समर्थन किया। कहा- ये बंधन है, इससे मुक्ति मिलनी चाहिए।
ऐसा सीएम नहीं देखा
इससे पहले जसरासर में सभा को राजस्थान प्रदेश प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा- बहुत से चीफ मिनिस्टर कंजूस होते हैं। गहलोत कहते हैं जितने ले जाते हैं, मुझसे ले जाओ। ऐसा सीएम कहीं नहीं देखा। ऊर्जा मंत्री बीड़ी कल्ला ने कहा- एक करोड़ लोगों को 100 यूनिट बिजली का लाभ मिलेगा। अब तक शिक्षा विभाग 90 हजार को रोजगार दे चुका है। इसी साल 1 लाख युवाओं को और रोजगार दिया जाएगा। राज्य खेल क्रीड़ा परिषद (राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल) की चेयरमैन कृष्णा पूनिया ने कहा खेल के क्षेत्र में गहलोत सरकार ने सर्वाधिक काम किया। मेडल जीतने पर पुलिस में भी नौकरी मिली।
पिछले चुनाव में हार गए थे
पिछले दिनों रामेश्वर डूडी घोषणा कर चुके हैं कि वो नोखा से ही विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में शक्ति प्रदर्शन को चुनावी शंखनाद माना जा रहा है। पिछले चुनाव में डूडी नोखा से ही भाजपा के बिहारीलाल बिश्रोई से चुनाव हार गए थे। अगर डूडी चुनाव जीत जाते तो बड़े राजनीतिक पद के हकदार होते।
बड़ी सभा का दावा डुडी समर्थकों का दावा है कि जसरासर में अब तक की सबसे बड़ी भीड़ पहुंची है। यहां सिर्फ नोखा या बीकानेर नहीं बल्कि प्रदेशभर से किसानों को आमंत्रित किया गया। आने-जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई। करीब 900 फीट में टेंट लगाया गया। गर्मी से बचने के लिए पंखों व कूलर तक की व्यवस्था की गई। वीआईपी मेहमानों के लिए एसी तक लगाए गए हैं।
किसान सम्मेलन में 2 घंटे रहे सीएम गहलोत सीकर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद हेलिकॉप्टर से जसरासर पहुंचे। महंगाई राहत कैंप में भी लोगों से मिले। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा और प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द डोटासरा भी रहे । हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंद्र सिंह हुड्डा भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। गहलोत सम्मेलन में करीब 2 घंटे रहे। वो शाम करीब पांच बजे यहां से निकल गए थे।
पायलट को नहीं बुलाया गया किसान सम्मेलन में राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को बुलाया ही नहीं गया है। नेता प्रतिपक्ष रहते हुए डूडी की तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के साथ खूब जमी थी। पिछले विधानसभा चुनाव में भी दोनों ने साथ में प्रचार किया था। डूड़ी की मुख्यमंत्री गहलोत से नाराजगी भी जगजाहिर रही है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव के दौरान तो दोनों खुलकर आमने- सामने आए थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी है।
कार्यक्रम में इन्होने किया सम्बोधित कृषि मंत्री व जिला प्रभारी मंत्री श्री लालचंद कटारिया, राजस्थान स्टेट एग्रो इण्डस्ट्रीज डवलपमेंट बोर्ड अध्यक्ष श्री रामेश्वर डूडी, पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री श्री गोविंद सिंह डोटासरा, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी संबोधित किया।
इस दौरान शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, सार्वजनिक निर्माण मंत्री श्री भजन लाल जाटव, खेल एवं युवा मामलात राज्य मंत्री श्री अशोक चांदना, ऊर्जा राज्यमंत्री श्री भंवर सिंह भाटी, राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद की अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा पूनियां, राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती, राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री बृजकिशोर शर्मा, श्री केश कला बोर्ड अध्यक्ष श्री महेंद्र गहलोत, राजस्थान भू-दान बोर्ड के अध्यक्ष श्री लक्ष्मण कड़वासरा, शिल्प एवं माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री डूंगरराम गैदर, विधायक श्री मनोज मेघवाल, श्री जेपी चंदेलिया, पूर्व सांसद श्री बद्रीराम जाखड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
रात्रि विश्राम बीकानेर में और कल श्रीगंगानगर में
जसरासर में किसान सम्मेलन को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जयपुर जाने के बजाय बीकानेर पहुंच गए। वो रात्रि विश्राम बीकानेर में करने के बाद गुरुवार सुबह श्रीगंगानगर जाएंगे। जहां महंगाई राहत शिविरों का निरीक्षण करेंगे। राज्य कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी उनके साथ रहेंगे। मुख्यमंत्री बुधवार को तय समय से करीब दो घंटे विलंब से किसान सम्मेलन में पहुंचे। जसरासर से उन्हें वापस जयपुर ही लौटना था। बाद में उनका कार्यक्रम बीकानेर आकर पंजाब जाने का बना। अब इसमें फिर से फेरबदल हो गया। अब वो बीकानेर से पहले श्रीगंगानगर जाएंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में एक ही दिन में दो बार परिवर्तन हो गया। बुधवार को गहलोत बुधवार शाम अंबेडकर भवन पहुंचे, जहां उन्होंने शिविर का अवलोकन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि खुशहाली इंडेक्स बढ़ाना जन कल्याणकारी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी दिशा में अनुसंधान करते हुए राज्य सरकार ने आमजन के हित के लिए 100 यूनिट घरेलू बिजली, दो हजार यूनिट किसानों को निशुल्क बिजली, 500 रुपए में गैस सिलेंडर, 25 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा, प्रतिमाह राशन किट, मनरेगा की तर्ज पर शहरों में भी इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना के तहत 125 दिन का रोजगार और 10 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा जैसी योजनाएं प्रारंभ की है। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि महंगाई राहत जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं लागू करने वाला राजस्थान देश में अकेला प्रदेश है। राज्य सरकार के कर्मचारी भी जन सेवा में जुटे हैं इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला ने भी उपस्थित रहे। शिविर का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजीकरण काउंटर से प्रक्रिया की जानकारी ली और विभिन्न योजनाओं के पात्रों को मुख्यमंत्री गारंटी कार्ड वितरित किए।

