REET परीक्षा 2021: 1 करोड़ से अधिक रूपयों में पेपर लीक का खुलासा होने पर गरमाई प्रदेश की सियासत, जानिए किसने क्या कहा…..

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REET परीक्षा 2021: पेपर लीक का खुलासा होने पर गरमाई प्रदेश की सियासत, जानिए किसने क्या कहा…..

रीट परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले को लेकर राजस्थान एसओजी के खुलासे के बाद अब प्रदेश की सियासत गरमा गई है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने एक बार फिर रीट में धांधली की सीबीआई जांच की मांग उठाई है।

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट करते हुए कहा कि शिक्षा संकुल के पेपर संग्रहण केन्द्र से एक दिन पूर्व पेपर निकाल दिये जाने की स्वीकारोक्ति के बाद तो यह पूर्णतया प्रमाणित हो गया है कि रीट परीक्षा में भारी धांधली हुई है और यह सब सरकार के संरक्षण के बिना संभव ही नहीं था। पूनिया एक और दूसरे ट्वीट में कहा कि अब सीबीआई जाँच इसलिए ज़रूरी हो जाती है कि राज्य सरकार बड़े मगरमच्छों को बचाने की पुरज़ोर कोशिश करेगी, अतः निरपेक्ष जाँच ज़रूरी है। अब देखना है नैतिकता की दुहाई देने वाले मुख्यमंत्री जी इस प्रकरण को सीबीआई को कब सौंपते हैं?

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी ट्विट करते हुए कहा कि रीट परीक्षा पेपर लीक कांड में गहलोत सरकार एक तरफ पेपर आउट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा कराती है और दूसरी तरफ पुनः परीक्षा की मांग से इनकार करती है। ये क्या बात हुई? क्या पर्चा आउट होने के बाद परीक्षा का कोई महत्व रह जाता है? देखा जाए तो पर्दाफाश गहलोत सरकार का हुआ है लेकिन उसकी गलती की सजा मेधावी अभ्यर्थी भुगत रहे हैं।

वहीं राज्यसभा सांसद किरोड़ी मीणा ने कहा कि एसओजी ने माना है कि पेपर शिक्षा संकुल से लीक हुआ है। मैं इस बात को शुरू से ही कह रहा हूं। पेपर आउट हुआ है और शिक्षा संकुल से ही हुआ है। जिसमें ज़िला कोऑर्डिनेटर प्रदीप पाराशर जो कि सरकारी व्यक्ति नहीं है और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष जारोली का हाथ है। पाराशर ने ही एक ब्लैक लिस्टेड कॉलेज को रीट का सेंटर बनाया। जिसके उस समय मालिक रामकृपाल ही थे जिसको SOG ने पकड़ा है।

उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ निशाना साधते हुए कहा कि एसओजी द्वारा जयपुर स्थित शिक्षा संकुल से रीट भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की बात की स्वीकारोक्ति से स्पष्ट है कि रीट परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली हुई है अब तो मुख्यमंत्री जी को तत्काल प्रभाव से रीट प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में आयोजित होने वाली प्रत्येक भर्ती परीक्षा में पेपर आउट करवाने वाला संगठित गिरोह पनप गया है। पूर्व में भी साबित हो चुका है कि पेपर माफियाओं के सत्ता में बैठे राजनीतिक आकाओं के साथ घनिष्ठ संबंध है जो पेपर लीक कर बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

रीट परीक्षा का पेपर लीक करने वाले मुख्य आरोपी गिरफ्तार:

आपको बता दें कि राजस्थान एसओजी ने रीट परीक्षा का पेपर लीक करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। राजस्थान एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने प्रेसवार्ता कर बताया कि रीट परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में एसओजी मुख्य कड़ी तक पहुंच गई है। एसओजी ने मामले में उदाराम और रामकृपाल मीणा को गिरफ्तार किया है।

एक करोड़ 22 लाख रुपए देने की जानकारी सामने आई:

एसओजी की गिरफ्त में आए रामकृपाल मीणा ने ही शिक्षा संकुल स्थित पेपर संग्रहण केन्द्र से परीक्षा से पहले पेपर निकालकर उदाराम विश्नोई को दिया था। इसके बदले उदाराम विश्नोई की ओर से एक करोड़ 22 लाख रुपए देने की जानकारी सामने आई है। आरोपी उदाराम विश्नोई ने यह पेपर भजनलाल विश्नोई को मुहैया कराया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में भजनलाल विश्नोई की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में इन दोनों आरोपियों का नाम सामने आया था।

एसओजी अब तक करीब 35 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी:

आरोपी रामकृपाल मीणा जयपुर में निजी शिक्षण संस्थान संचालित करता है। इससे पहले भी रामकृपाल मीणा द्वारा कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में एसओजी अब तक करीब 35 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

ADG ATS SOG अशोक राठौड़ ने बताया की जिन अभ्यथियों ने लीक पेपर से फायदा उठाया है। उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही इस प्रकरण में जिन जिन लोगों के नाम सामने आएंगे उनके खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

रीट परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले को लेकर राजस्थान एसओजी को बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान एसओजी ने रीट परीक्षा का पेपर लीक करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। राजस्थान एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने प्रेसवार्ता कर बताया कि रीट परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में एसओजी मुख्य कड़ी तक पहुंच गई है.।एसओजी ने मामले में उदाराम और रामकृपाल मीणा को गिरफ्तार किया है।

एसओजी की गिरफ्त में आए रामकृपाल मीणा ने ही शिक्षा संकुल स्थित पेपर संग्रहण केन्द्र से परीक्षा से पहले पेपर निकालकर उदाराम विश्नोई को दिया था। इसके बदले उदाराम विश्नोई की ओर से एक करोड़ 22 लाख रुपए देने की जानकारी सामने आई है। आरोपी उदाराम विश्नोई ने यह पेपर भजनलाल विश्नोई को मुहैया कराया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में भजनलाल विश्नोई की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में इन दोनों आरोपियों का नाम सामने आया था।