भर्ती परीक्षा में विग से नकल के मामले में पुलिस ने माना नहीं हुआ पेपर लीक,RPSC को भेजी रिपोर्ट
बीकानेर। बीते दिनों RPSC की रेवेन्यू ऑफिसर भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़े गए बीकानेर जिले के तीनों अभ्यर्थियों की रिपोर्ट राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) को भेज दी है। पुलिस ने जांच में पेपर लीक नहीं माना। आरोपी अभ्यर्थियों को दोबारा किसी परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा या नहीं, यह RPSC तय करेगा।
पुलिस ने दो अभ्यर्थी महेंद्र ओझा और मनोज बिश्नोई को परीक्षा शुरू होने से पहले और पवन बिश्नोई को परीक्षा के दौरान गिरफ्तार किया था। इनसे की गई सात दिन की पूछताछ में सामने आया कि तीनों अभ्यर्थियों ने नकल गिरोह के सरगना तुलछाराम कालेर की मदद से दिल्ली से विग खरीद कर उसमें ब्लूटूथ डिवाइस फिट करवाया था। पुलिस ने 26 मई को नकल गिरोह के सरगना तुलछाराम कालेर को भी गिरफ्तार कर सात दिन की पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है।
45 मिनट में 65 सवाल हल कर चुका था पवन, पर माेबाइल कनेक्टिविटी नहीं मिली
नकल गिरोह सरगना और तीनों अभ्यर्थियों से की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने रेवेन्यू ऑफिसर के प्रश्न-पत्र को लीक नहीं माना है। एसपी तेजस्वनी गौतम ने इस संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट भी आरपीएससी को भेजी है। हालांकि राजकीय मोहता उच्च माध्यमिक विद्यालय से पकड़े गए पवन मंडा को पुलिस ने जब पकड़ा तो वह 45 मिनट में 65 प्रश्न-पत्रों को हल कर चुका था।
माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल की रिपोर्ट के बाद उसके द्वारा हल किए गए प्रश्न-पत्रों को भी जब्त कर उसकी रिपोर्ट आरपीएससी को भेजी जा चुकी है। एसपी ने बताया कि तीनों अभ्यर्थियों की रिपोर्ट आरपीएससी को भेजने के साथ ही पेपर लीक नहीं होने की रिपोर्ट भी भेज दी है। जांच में सामने आया कि पवन मंडा प्रश्न-पत्र ब्लूटूथ डिवाइस की मदद के बिना ही हल किए थे। सवालों के जवाब बताने के लिए उसके पास काेई काॅल नहीं आया। मंडा के पास मिली डिवाइस और सिम की जांच में किसी तरह की कनेक्टिविटी नहीं मिली।
अब जोधपुर-जैसलमेर पर नजर
बीकानेर पुलिस के हत्थे चढ़े नकल गिरोह के तीन अभ्यर्थियों और मुख्य सरगना की पूछताछ के बाद अब बीकानेर पुलिस की नजर जैसलमेर और जोधपुर के अभ्यर्थियों पर टिकी है। एडिशनल एसपी हरि शंकर यादव ने बताया कि सरगना तुलछाराम से की गई पूछताछ में सामने आया कि उसने जैसलमेर और जोधपुर में भी कुछ अभ्यर्थियों को नकल सामग्री उपलब्ध करवाने में मदद की थी। उन अभ्यर्थियों काे पकड़ने के लिए पुलिस का विशेष दल जैसलमेर और जोधपुर जाएगा।

