दैनिक खबरां की News पर संभागीय आयुक्त ने लिया संज्ञान, पीडब्लूडी को दिए निर्देश, अधिकारीयों ने किया मौका निरिक्षण

Editor बीकानेर

दैनिक खबरां की News पर संभागीय आयुक्त ने लिया संज्ञान,पीडब्लूडी को दिए निर्देश,अधिकारीयों  ने किया निरिक्षण

नारायण उपाध्याय
दैनिक खबरां,बीकानेर। बारिश ए हाल-बीकानेर मुद्दे कों लेकर दैनिक खबरां द्वारा चलाई गई खबर का असर हुआ है। दैनिक खबरां द्वारा खबर शीर्षक “रोड़वेज बस स्टेण्ड से आरटीओ ऑफिस तक मुख्य सड़क बनी नासूर,जिम्मेदारों व जनप्रतिनिधियों ने मुंदी आँखे!” हैडलाइन से बीकानेर की व्यस्तम सड़क की दुदर्शा को लेकर खबर रविवार को प्रसारित की गई। इस खबर के प्रसारित होते ही संभागीय आयुक्त वंदना सिंघवी ने फ़ौरन संज्ञान लेते हुए पीडब्लूडी के अधिकारीयों कों तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए। इन निर्देशों के बाद रविवार दोपहर में पीडब्लूडी के अधिकारी,जेईएन व इंजिनियर ने रोड़वेज बस स्टेण्ड से लेकर आरटीओ ऑफिस तक की सड़क का निरिक्षण किया। पीडब्लूडी के अधिशाषी अभियंता राजीव गुप्ता ने दैनिक खबरां को बताया कि हमने इस रोड़ का निरिक्षण किया है। किसान भवन के सामने वाली रोड़ पर दोनों और आरसीसी रोड़ बनाई जाएगी,इसका अगले सात दिनों में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। गुप्ता ने बताया आरटीओ ऑफिस बिछवाल रोड़ पर रविवार कों पानी निकासी का काम वैकल्पिक रास्ता निकालकर शुरू कर दिया गया है। जैसे ही पानी रोड़ से हट जाएगा उसके अगले दो तीन दिन में रोड़ पर बने गड्ढों को भर दिया जाएगा। गुप्ता के अनुसार इस रोड़ कों बनाने के प्रस्ताव पीडब्लूडी द्वारा पहले से पारित है, लेकिन इसमें कई विभागों की समस्या सामने आ रही है, इसमें वन विभाग, बिजली विभाग और आर्मी शामिल है।

दैनिक खबरां ई-पेपर 18 अगस्त में प्रकाशित खबर

कुछ इस तरह का फंसा हुआ है पेच
दरअसल, इस रोड़ से आर्मी की पाइपलाइन गुजरती है। आर्मी ने पाईपलाइन कों शिफ्टिंग करने कों लेकर विभाग कों रुकने कों कहा है। सूत्रों के अनुसार करीब 15 महिनो से आर्मी स्तर पर एनओसी नहीं मिल रही है, वंही हाइवे अथॉरिटी से भी इस रोड़ पर निर्माण कार्य शुरू करने की परमिशन अटकी पड़ी है। वंही वन विभाग के अलग पेच है। अंदर खाने से बात पता चली है कि वन विभाग द्वारा रोड़ के किनारे बबूल और कीकर के पेड़ लगे हुए है, उनको अन्यत्र शिफ्टिंग करने के लिए वन विभाग के अधिकारी आनाकानी कर रहें है। बबूल और कीकर के पेड़ो से वन विभाग कों क्या लगाव है जो समझ से परे है। पेड़ो कों अन्यत्र शिफ्टिंग ना करने की वजह से बिजली विभाग का लाइनों और खम्भो कों शिफ्टिंग करने की लागत पांच गुना बढ़ जाती है। ऐसे में पीडब्लूडी के अधिकारी असमंजस में है और इन विभागों से हरि झंडी (एनओसी) मिलने के इंतजार में है।

@PWD द्वारा जेसीबी से पानी निकासी के प्रयास
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