तीन मंजिला जर्जर इमारत कभी भी ले सकती है बड़े जन हादसे का रूप, आयुक्त साहब झाड़ रहे पल्ला!

गंगानगर

तीन मंजिला जर्जर इमारत कभी भी ले सकती है बड़े जन हादसे का रूप,आयुक्त साहब झाड़ रहे पल्ला!

श्रीगंगानगर@दैनिक खबरां। प्रदेश में अतिक्रमण कों लेकर सरकार सख्त है। जंहा इसकी अनुपालना में प्रदेश में लगातार पीला पंजा अतिक्रमण कों ध्वस्त करने में जुटा हुआ है। लेकिन बीकानेर संभाग के श्रीगंगानगर में तस्वीर कुछ अलग है। जंहा शहर के वार्ड सं 35 भीड़भाड़ वाले प्रमुख बाजार 2-ए स्वामी दयानंद मार्ग स्थित एक तीन मंजिला इमारत जर्जर अवस्था में है जो कभी भी बड़े जन हादसे का रूप ले सकती है। वंही चौकाने वाली बात यह है कि इस जर्जर इमारत की मरम्मत करवाने के लिए इमारत मालिक प्रशासन से गुहार लगा रहा है, लेकिन प्रशासन के जिम्मेदार अफसर कुम्भकृणी नींद में सो रहे है। यह आरोप जर्जर इमारत के मालिक ने लगाया है।

दरअसल, स्वामी दयानंद मार्ग निकट पी सी ज्वलैर्स शोरुम, अष्ट दशक पूर्व निर्मित तीन मंजिला इमारत के फुटपाथ को दुकान में सम्मिलित करके दीवार में छ: फीट लंबा अवैध शेड लगा लेने से जर्जर दीवार की मरम्मत में सहायक-पाड़ या मचान नहीं लगने पर इमारत मालिक जीर्ण-शीर्ण दीवार की मरम्मत नहीं करवा सकने में बेबस हैं। इमारत मालिक पवन कुमार सिंगल ने दैनिक खबरां को बताया कि जर्जर अवस्था में खड़ी दीवार के ढहने से प्रमुख बाजार में जानलेवा हादसा कभी भी घटित हो सकता है।

निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय, राजस्थान सरकार जयपुर व उप निदेशक बीकानेर के आदेश की अवेहलना करते हुए आयुक्त नगर परिषद श्रीगंगानगर पल्ला झाड़ रहा है कि बाजार में अनाप शनाप अवैध शैड लगे होने से मात्र इसी एक को हटाना असंभव है लेकिन दीवार की जर्जर अवस्था पर चुप्पी साधते हुए जानलेवा हादसा घटित होने की आशंका के प्रति लापरवाह हैं। सात वर्ष से राजस्थान संपर्क पोर्टल परिवाद को खानापूर्ति करके बंद किया जा रहा हैं।

बड़ा सवाल यह है कि अगर इमारत मालिक अपनी जर्जर इमारत की मरम्मत जनहितार्थ करवाना चाहते है, या इसकी मरम्मत होने से जन दुर्घटना होने से रोका जा रहा है तो आखिर शासन प्रशासन क्यों इसकी इसकी शिकायत पर कार्यवाही या एक्शन नहीं ले रहा?? क्या किसी बड़े हादसे का हाने का इंतजार किया जा रहा है??  प्रशासन को समय रहते इसे गंभीरता से लेना होगा अन्यथा कोई बड़ी जनहानी हो सकती है।