बीकानेर में ‘फंडिंग’ का खेल: 10 हजार के लालच में चढ़ रहा लाखों का बोझ,रिकवरी एजेंटों की धमकियों से दहशत

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बीकानेर में ‘फंडिंग’ का खेल: 10 हजार के लालच में चढ़ रहा लाखों का बोझ,रिकवरी एजेंटों की धमकियों से दहशत

बीकानेर,दैनिक खबरां। बीकानेर शहर में इन दिनों “फंडिंग” के नाम पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को कर्ज के जाल में फंसाने का खेल तेजी से फैल रहा है। कुछ दुकानदार और एजेंट लोगों को 10-15 हजार रुपए कैश देने का लालच देकर उनके दस्तावेजों पर महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान का फाइनेंस करवा रहे हैं। बाद में वही लोग भारी EMI और रिकवरी एजेंटों की धमकियों के बीच फंस जाते हैं।


गरीब और मजदूर वर्ग बन रहा आसान शिकार
जानकारी के अनुसार इस पूरे खेल में मजदूर, रिक्शा चालक, घरेलू महिलाएं और कम आय वाले लोग सबसे ज्यादा निशाने पर हैं। एजेंट उन्हें तुरंत नकद राशि देने का भरोसा देते हैं। इसके बदले आधार और पैन कार्ड लेकर उनके नाम पर मोबाइल, फ्रिज, AC या LED का फाइनेंस करवा लिया जाता है।
हैरानी की बात यह है कि कई मामलों में सामान ग्राहक को दिया ही नहीं जाता। दुकानदार सामान अपने पास रख लेते हैं और सामने वाले को केवल थोड़े पैसे देकर पूरा लोन उसके सिर पर डाल दिया जाता है।


कुछ महीनों बाद शुरू होती है असली परेशानी
शुरुआत में लोगों को लगता है कि उन्हें आसानी से पैसे मिल गए, लेकिन कुछ समय बाद EMI बाउंस होने लगती है। इसके बाद रिकवरी एजेंटों के फोन आने शुरू हो जाते हैं। कई पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि एजेंट घर तक पहुंच जाते हैं और परिवार के सामने दबाव बनाते हैं।
कुछ लोगों का कहना है कि रिश्तेदारों और परिचितों तक फोन कर बदनाम करने की कोशिश भी की जाती है। देर रात तक कॉल करना और लगातार धमकियां देना भी आम बात बन गई है।


विशेषज्ञ बोले— छोटा लालच, बड़ा नुकसान
वित्तीय जानकारों का कहना है कि कोई भी अधिकृत फाइनेंस कंपनी सीधे कैश देने का काम नहीं करती। अगर कोई दुकानदार या एजेंट “सिर्फ आधार दो और कैश ले जाओ” जैसी बात करे तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।
CA मुकेश मोदी ने बताया कि कई लोग 10 हजार रुपए के लिए 50-60 हजार रुपए तक के कर्ज में फंस रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक बार CIBIL खराब हो जाए तो आगे बैंक लोन और दूसरी वित्तीय सुविधाएं मिलने में भी दिक्कत आती है।


पुलिस ने भी लोगों से सावधान रहने की अपील की
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी फाइनेंस, धोखाधड़ी या धमकी से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। लोगों से कहा गया है कि बिना पढ़े किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं करें और अपने आधार-पैन की कॉपी किसी अनजान व्यक्ति को न दें।


कुछ पैसों के लिए भविष्य दांव पर
शहर में बढ़ रहे ऐसे मामलों ने कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। थोड़े पैसों की जरूरत पूरी करने के चक्कर में लोग लंबे समय के कर्ज और मानसिक तनाव में फंस रहे हैं। जानकारों का कहना है कि जागरूकता ही ऐसे फर्जी फंडिंग नेटवर्क से बचने का सबसे बड़ा तरीका है।