नोखा की सड़कें बनी जलभराव का गढ़ –जिम्मेदार नेताओं और नगरपालिका की चुप्पी पर उठे सवाल
नोखा। बरसात के मौसम ने कस्बे की बदहाल तस्वीर को उजागर कर दिया है। सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे,जलभराव और कीचड़ से आमजन का जीना दूभर हो गया है। हालात यह हैं कि कस्बे की मुख्य सड़कें ही तालाब का रूप ले चुकी हैं। पैदल चलना तो दूर, वाहन चालकों को भी हर कदम पर हादसे का खतरा झेलना पड़ रहा है।
नगरपालिका और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस पूरी स्थिति पर मौन साधे बैठे हैं। विकास के नाम पर लाखों-करोड़ों के बजट खर्च होने के बावजूद जनता को टूटी सड़कों और जलभराव की सौगात मिली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय “स्मार्ट कस्बा” और “सुंदर सड़कों” के दावे करने वाले नेता अब जनता की परेशानियों पर आंखें मूंदे हुए हैं। व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और महिलाएं-बच्चे कीचड़ से होकर निकलने को मजबूर हैं।

