बीकानेर की अनाज मंडी में किसानों का दर्द कौन समझे? अन्न देवता भुगत रहें मानसिक पीड़ा, साहब बंगला सजाने में है व्यस्त!
पत्रकार नारायण उपाध्याय की कलम से
बीकानेर, दैनिक खबरां । किसानों को हर स्तर पर तकलीफ और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है। जंहा खेत खलिहान से लेकर फ़सल बेचने तक उसको कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। कुछ ऐसी ही मानसिक तकलीफ किसानों को बीकानेर की नई अनाज मंडी दे रही है। मंडी में फ़सल बेचने के लिए आने वाले किसानों की पीड़ा इस बार कुछ अलग सी है। किसानों को दुःख इस बात का है कि मंडी परिसर में बने सुलभ शौचालयों पर बीते कई दिनों से ताला लगा हुआ है, जिसके चलते वे लघुशंका जाने के लिए इधर-उधर ताकते रहते है। कहने को तो अनाज मंडी में चार सुलभ शौचालय बने हुए है, लेकिन सभी तालेबंदी में है। किसानों के साथ-साथ पल्लेदार व मुनीम भी इस तकलीफ से जूझ रहें है। एक अनुमान के मुताबिक अनाज मंडी में तकरीबन 500 के करीब दुकाने है। इन दुकानों में जींस बेचने के लिए बड़ी संख्या में प्रतिदिन किसान मंडी में आते तो वंही कुछ किसान रात्रि में यहीं रुक भी जाते है। अब जरा सोचिये कि सुलभ शौचालयों में ताला लगा हुआ है तो ऐसे में उन पर क्या बीतती होगी। अनाज मंडी के कुछ पल्लेदारो और मुनिमो व किसानों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि मंडी समिति के नेतागण और प्रशासन को हमारी इस बड़ी समस्या से कोई लेना देना नहीं रह गया है। पल्लेदारो और मुनिमो के मुताबिक इस संबंध में मंडी समिति के पदाधिकारीयों से समस्या से निजात दिलाने के लिए आग्रह किया गया, लेकिन उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि यह मामला उनके क्षेत्राधिकार के बाहर का है। गौरतलब है,बीकानेर की अनाज मंडी एशिया की सबसे बड़ी मूंगफली की मंडी है और इसमें किसानों के साथ ऐसा सौतेला व्यहार वाकई में बड़ी चिंता का विषय है। दरअसल, इस समस्या की जड़ सामने आई है। जानकारी के मुताबिक मंडी में बने सुलभ शौचालय के पास स्थित एक दुकान परिसर में शौचालय से पानी चला गया। बताया जाता है कि इसके बाद संबंधित दुकानदार ने इस शौचालय को बंद करवा दिया। शौचालय के लापरवाह कार्मिक की गलती की सजा अब मंडी में आने वाले किसान, पल्लेदार व मुनीम भुगत रहें है। ऐसा भी नहीं है कि मंडी प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन सब जानते हुए अधिकारी अनजान बने हुए है। किसानों की इतनी बड़ी समस्या मुद्दा बनी हुई है, वंही दूसरी तरफ मंडी सचिव के आवास पर साज सज्जा व मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है जो इस समस्या के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

