केंद्र व राज्य सरकार राजस्थानी भाषा को करें मान्यता प्रदान : सयोंजक आचार्य पूर्वजो की मेहनत को व्यर्थ नही जाने देंगे….

बीकानेर

जै जै राजस्थान जै जै राजस्थानी

केंद्र व राज्य सरकार राजस्थानी भाषा को करें मान्यता प्रदान : सयोंजक आचार्य पूर्वजो की मेहनत को व्यर्थ नही जाने देंगे

बीकानेर, @dainikkhabraan। ओम पुरोहित कागद संघर्ष समिति के संयोजक व पूर्व छात्र नेता भवानी आचार्य ने मायड़ भाषा मान्यता प्रदान करने की मांग को को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन भेजा है। समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष व शिक्षक संघ रेसटा मोहर सिंह सलावद ने कहा की केंद्र व राज्य सरकार जल्द ही राजस्थानी भाषा को मान्यता प्रदान करें जिससे राज्य के लाखों राजस्थानी भाषा प्रेमियों को खुश खबरी मिल सके व लंबा इंतजार पूरा हों सके। प्रदेश उप सभाध्यक्ष प्रवीन पुरोहित व करौली जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह चौहान , प्रदेश मीडिया प्रभारी कमल स्वामी, बीकानेर देहात जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सोलंकी व राजस्थानी भाषा से जुड़ी साहित्यकार मीनाक्षी पारीक, जयपुर जिलाध्यक्ष प्रेरणा शर्मा ने कहा की जल्द ही मांग पूरी नहीं होने राज्य स्तर पर आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। संयोजक आचार्य ने कहा कि पूर्वजों की मेहनत को ऐसे ही बेकार नहीं जाने देंगे।

शिक्षा मंत्री डॉ कल्ला को भी सौंपा ज्ञापन कल्ला विधायक बनते ही कहा कागद की की कमी को पूरा नही किया जा सकता लेकिन उन्होंने जो मायड़ भाषा के लिये आंदोलन चलाया उनकी उस मेहनत को व्यर्थ नही जाने देंगे आज ज्ञापन में समिति के सयोजक आचार्य रेस्टा शिक्षक संघटन ने प्रदेश के मंत्रियों के नाम ज्ञापन भेजा है जल्द से जल्द भाषा के बारे में सोचे ओर भाषा की कमी का मतलब है अधूरा राजस्थान और जब तक भाषा को मान्यता नही मिलती तब तक सेकंडों यूवा बेरोजगार घूम रहे है।जिनको रोजगार मिल सकता है अगर भाषा के लिये एकजुट होकर केंद्र सरकार से वार्तालाप किया जाए

1जून को पूरे राजस्थान भर में समस्त विधानसभा क्षेत्र के विधायकों को मायड़ भाषा की मांग के लिए सौंपे जायेगे ज्ञापन। जिसमें समपूर्ण बीकानेर की जिम्मेदारी अशोक कुमार सोलंकी को सौंपी गई है।

राजधानी में सयोजक भवानी आचार्य एव प्रदेश उपाध्यक्ष मोहर सिंह मीणा राजधानी में समस्त विधायक एव सी एम से मिलकर राजस्थानी भाषा की मान्यता को लेकर आंदोलन और तेज करने के लिये ज्ञापन दिया जाएगा।

प्रदेश की जिम्मेदार मोटियार परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष गौरीशंकर प्रजापत को सौंपी गई। जो राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिये कागद संघर्ष समिति से जुड़े हुए है और सिनीयर एव वरिष्ट पदाधिकारियों में मुख्यमंत्री के प्रतिनधि मंडल में प्रजापत भी होगे शामिल।