बीकानेर: शहर में देर रात 2 बजें चोरों ने घर वालों को एक रुम में बंद कर करोड़ रुपए से अधिक कीमत के आभूषण पार, पुलिस नहीं पहुंची मौके पर….

बीकानेर

बीकानर, @dainikkhabraan। शहर में पुलिस किस तरह से कार्य करती है इसका जीता जागत उदाहरण सामने आया है कि चोर करोड़ों रुपये का माल लेकर फरार हो गये और पुलिस सामान की लिस्ट व अन्य कार्यों में ही व्यस्त रहकर अपनी डियूटी पूरी कर रही है।

जानकारी के अनुसार नयाशहर थाना क्षेत्र के पूगल रोड़ स्थित बंगला नगर के पास एसबीआई बैक के पीछे बना एक मकान में चोरों ने देर रात्रि को घर में घुसकर करोड़ों रुपये का माल चोरी कर फरार हो गये और पुलिस हाथ मलती रही।

घटनाक्रम के अनुसार रात को करीब 2 बजे चोर घर में बने किचन की खिडक़ी तोडकर प्रवेश किया और नीचे वाले कमरे में सो रहे बीमार भंवरलाल व उसकी पत्नी के कमरे को बाहर से बंद कर दिया, बाद में ऊपर की मंजिल पर सो रहे भंवरलाल व उसकी पत्नी के कमरे को भी बाहर से बंद कर दिया और बेधडक़ होकर घर का समूचा माल सोना, चांदी व अन्य समान जो करीब एक करोड़ का बताया जाता है, लेकर बड़े आराम से निकल लिये।

औझा के परिवारिक सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार बीमार भंवरलाल जब रात को करीब ढाई बजे बाथरूम के लिये नींद से उठकर बाथरूम जाने के लिए कमरे का दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो खुला नहीं और उन्हें किसी के पैरों की आवाज सुनाई दी, इस पर उन्होंने ऊपरी मंजिल के कमरे में सो रहे अपने लडके को फोन किया तो वह उठकर अपना गेट खोलने लगा तो उसका गेट भी बाहर से बंद था, इस पर उसे संदेह हुवा तो पडोसियों को फोन करके बंद गेट खोलने के लिए बुलाया।

पड़ोसियों ने आकर बाप-बेटों को बाहर निकाला तो वह घर की स्थिति को देखकर भौंचके रह गये, अन्य कमरों में पड़ा सारा सामान बिखरा पड़ा था और कीमती सामान गायब था, हल्ले होने पर लोग इकट्ठे हो गये और तुरंत ही पडौस में लगे सीसीवी कैमरे देखे तो साफ तोर पर करीब 6-7 लोग दिखाई दे रहे थे।

घटना सिर्फ 20-25 मिनट पहले की थी इसलिए कुछ लोगों ने चोरों का पीछा भी किया ओर कुछ ने पुलिस थाना नया शहर में जाकर घटना की सूचना देकर तुरंत रिपोर्ट के आधार पर नाकेबंदी करके चोरों को पकडऩे का आग्रह किया।

बताते हैं कि कुछ समय तो पुलिस वालों ने सुनवाई नहीं की, मामला बढता देखकर ड्यूटी अधिकारी बड़ी मुश्किल से घटना स्थल पर आई जहां मौका देखे बगैर बाहर से यह कहकर चली गई कि चोरी हुवे सामान की लिस्ट बनाकर देना, सुबह रिपोर्ट दर्ज करके जांच करेंगे। सुबह दस बजे तक भी कोई पुलिस वाला मौके पर नहीं आया तब इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों को की गई तो बाद में पुलिस मौके पर पहुंची है।

परिवार जनों व मौहल्ले के लोगों का आरोप है कि अगर घटना के कुछ समय बाद ही पुलिस को जानकारी देते ही कार्यवाही करके नाकेबंदी आदि का प्रयास करते तो काफी हद तक चोरों के पकड़े जाने की संभावना थी, पुलिस द्वारा मामले में इतनी ज्यादा ढिलाई बरतने की बात को लेकर लोगों में आक्रोश तो है ही साथ में पुलिस की भूमिका को भी संदेहात्मक देखा जा रहा है।