100 बालक – बालिकाओं को हैण्डीक्राफ्ट के माध्यम से , स्वरोजगार स्थापित के लिए प्रेरित किया…..

बीकानेर

100 बालक – बालिकाओं को हैण्डीक्राफ्ट के माध्यम से , स्वरोजगार स्थापित के लिए प्रेरित किया…..

बीकानेर, @Dainikkhabraan। बीकानेर में बैसिक पी.जी. महाविद्यालय में वस्त्र मंत्रालय , भारत सरकार एवं प्रयास वेलफेयर संस्थान के संयुक्त तत्वाधान से दो दिवसीय क्राफ्ट जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस काफट कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रमेश तांबिया , सहायक महाप्रबंधक जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड व श्री वी.एन. किरन , सहायक निदेशक ( हस्तशिल्प ) , जोधपुर एवं रामजी व्यास , संस्थापक बैसिक कॉलेज , बीकानेर के कर कमलों द्वारा सम्पन्न किया गया ।

बैसिक पी.जी. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सुरेश पुरोहित ने बताया कि कॉलेज में अध्ययनरत प्रशिक्षणार्थियों में से इस कार्यक्रम में 100 बालक – बालिकाओं ने भाग लिया। रमेश तांबिया, सहायक महाप्रबंधक जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड ने बालिकाओं को बताया कि जीवन में अपने हुनर से अपनी पहचान बनती है, जिसका क्राफ्ट में हुनर होगा वह अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकेगा एवं अपना आर्थिक जीवन के साथ-साथ सामाजिक जीवन में भी अपनी भूमिका प्रदान करेगा।

सहायक महाप्रबंधक, नाबार्ड के द्वारा विभिन्न प्रकार से संचालित योजनाओं के बारे में विस्तृत में जानकारी प्रदान की। वी. एन. किरन, सहायक निदेशक ( हस्तशिल्प ), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के हस्तशिल्प सेवा केन्द्र, जोधपुर ने बताया कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम में कॉलेज के 100 बालिकाओं के साथ 10 अलग-अलग आर्टीजनों ने भाग लिया, आर्टीजनों ने अपने क्राफ्ट का लाइव डेमोस्टेशन किया। इसके साथ ही 100 बालिकाओं को अपने अपने क्राफ्ट का विस्तृत रूप ज्ञान दिया । 100 बालिकाओं को भी इस कार्यक्रम में भाग लेने पर सर्टीफिकेट प्रदान किया गया। डॉ सुरेश पुरोहित ने बताया कि क्राफ्ट जागरूकता कार्यक्रम से कॉलेज में शिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं को रूज्ञान शानदार रहा।

इसके साथ ही प्रयास वेलफेयर संस्थान एवं वस्त्र मंत्रालय द्वारा चित्रकारी प्रतियोगिता एवं रंगोली प्रतियोगिता व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमें प्रथम / द्वितिय / तृतीय बालिकाओं को भी सम्मानित किया गया।

प्रयास वेलफेयर संस्थान के मनमोहन पालीवाल ने बताया कि क्राफ्ट से स्वरोजगार स्थापित किये जा सकते है एवं आत्मनिर्भर भारत में आर्टीजन अपना सहयोग प्रदान कर सकते है एवं संस्था उनके आर्टीजन पहचान कार्ड बनवाने में पूर्ण सहयोग करेगी।