सौतेली माँ के डॉटने पर गुस्साए 16 साल के बेटे ने रात को चाकू से की हत्या
नागौर जिले के कुचामन सिटी में मंगलवार रात आपसी कहासुनी के चलते नाबालिग बेटे ने ही अपनी सौतेली मां की हत्या की थी। डांट-फटकार से परेशान होकर उसने रात डेढ़ बजे के करीब यह खतरनाक कदम उठाया। फिर वह चुपचाप आकर कमरे में सो गया। उसके पिता दिल्ली गए हुए थे। सुबह जब घर आए तो पत्नी की लाश देख पुलिस को सूचना दी। जब पूछा गया तो बेटे ने बताया कि हत्या उसी ने की है।
दरअसल, मृतक महिला नाबालिग की सौतेली मां थी, जो उसकी मौसी भी लगती थी। नाबालिग के मां की दस साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी मौसी ही उसकी मां बनकर घर में आई। सौतेली मां से उसे मां का प्यार नहीं मिला। उल्टा उसे वो रोजाना डांटती-फटकारती और मारती। बच्चा डांट-फटकार से परेशान था।
मर्डर वाले दिन उसके पति सामान लेने दिल्ली गए हुए थे। शाम को भी किसी बात को लेकर सौतेली मां ने फटकार लगाई। इससे वह इतना नाराज हो गया कि रात डेढ़ बजे उठा और किचन से सब्जी काटने वाला चाकू उठा लाया। इसके बाद गहरी नींद में सो रही मां पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। उसने चाकू से इतने हमले वार किए मां को बचने तक का मौका नहीं दिया। कमरे में चारों तरफ खून फैल गया था। मर्डर के बाद उसने अपने हाथों पर लगे खून के धब्बे धोए और सो गया।
पुलिस ने पूछताछ की तो सामने आई सच्चाई
मर्डर वाले दिन सरोज पत्नी ताराचंद कुमावत (38) निवासी कुचामन घर में अपने दो बच्चों के साथ थी। उसका पति किराने की दुकान से जुड़े सामान की खरीदारी के लिए दिल्ली गया हुआ था। बड़ा बेटा करीब 16 साल का है, जिसने हत्या की है और एक बेटी जो 13 साल की है। दोनों अलग कमरे में थे। सुबह ताराचंद दिल्ली से घर पहुंचा तो सरोज की लाश पड़ी थी और दोनों बच्चे भी घर में ही थे।
सूचना मिलते ही DSP धर्मवीर जानू और ASP गणेशाराम भी मौके पर पहुंच गए। मौका-मुआयना किया तो न तो घर में कोई तोड़फोड़ मिली और न ही कुछ असामान्य। पूछताछ की तो पता चला वारदात के दौरान दोनों बच्चे ही घर में थे। आसपास के लोगों से पूछा तो सामने आया कि बेटे को अक्सर डांट लगाती रहती थी। शक होने पर पुलिस अधिकारियों ने बच्चे से पूछताछ की तो उसने जुर्म करना कबूल लिया और बताया कि उसी ने ही सौतेली मां की हत्या की थी।

