साफा-पाग-पगड़ी में कृष्ण चन्द पुरोहित को फाऊंडेशन ऑफ इण्डिया रिकॉर्ड में नाम दर्ज….

बीकानेर

साफा-पाग-पगड़ी में कृष्ण चन्द पुरोहित को फाऊंडेशन ऑफ इण्डिया रिकॉर्ड में नाम दर्ज

बीकानेर के सेशन न्यायधीश मदन लाल भाटी ने किया फाऊंडेशन ऑफ इंडिया रिकॉर्ड का विमोचन

बीकानेर, @dainikkhabraan। राजस्थानी साफा, पाग, पगड़ी व कला संस्कृति संस्थान के तत्वावधान में फाऊंडेशनऑफ इण्डिया रिकॉर्ड का विमोचन मदन लाल भाटी (सेशन न्यायधीश बीकानेर) व सपत्निक तारा भाटी एवं विशिष्ट अथिति डॉक्टर राजेन्द्र श्रीमाली (हिन्दी विषेशज्ञ) अति विशिष्ट अतिथि विपिन पुरोहित (कला एवं संस्कृति प्रेमी) और अध्यक्षता विनय कुमार किराड़ू (गायक कलाकार) के कर कमलों द्वारा उनके निवास स्थान पर किया गया ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मदनलालभाटी ने कहा कि कोई भी कला छोटी नही होती। हर कला का सम्मान करना चाहिए जिससे कला और कलाकार का मनोबल बढता है। साथ ही कला राजस्थान के परिवेश में है ।इसी क्रम में सेशन न्यायधीश मदनलाल भाटी ने बताया की साफा-पाग-पगड़ी के सिलसिले में कृष्ण चन्द पुरोहित का कार्य सर्वाधिक लोकप्रिय है। इनके महत्वपूर्ण कार्य इनके सम्पुर्ण राज्य के साथ भारत और विश्व में भी अपनी पहचान बनाई है और आज इन्होने इण्डिया रिकॉर्ड बनाया है। पुरे समूचे प्रदेश में नाम रौशन किया है । इनकी हाथो की अंगुलियों के ऊपर छोटी से छोटी पगड़ी बांधना कला का नायाब तोहफा है ।

अथिति तारा भाटी ने बताया की प्रदेश में 13 कोश की दुरी पर बोली, पानी व पगड़ी बदलती हैं। बीकानेर की कला एवं संस्कृति से अदभुत हूँ।

बीकानेर के लोगो में आपसी भाईचार व खानपान, सदेव याद रहेगा। यहा के कला लोगो के रोम रोम में बसी है,जिसका परिणाम हमारे सामने पुखता है कि कृष्ण चन्द पुरोहित जो की साफा, पाग, पगड़ी बाँधने में महारत हासिल कर रखी हैं । मैं इनको इण्डिया रिकॉर्ड बनाया है इनको में सुभकामनाएँ देती हूँ ।

इसी क्रम में डॉ राजेन्द्र श्रीमाली ने बताया की आदि काल से पगड़ी का महत्व बहुत हैं। पगडी की परख जाति से की जाति थी की व्यक्ति किस समाज से है और ये कहा का निवासी हैं, मगर आज आधुनिक युग में पगड़ी बाँधने वाले बहुत कम हैं,लेकिन कृष्णचन्द पुरोहित बीकानेर मे अपनी एक पहचान बनाई है, हमे खुशी है की पुरोहित निरन्तर कार्य के प्रती सजग रहे ।

अतिविशिष्ट अतिथि विपिन पुरोहित ने बताया कि नाटक हो या किसी भी अच्छे कार्य की शुरुआत हमेशा साफा, पगड़ी व पाग से होता है। ये हमारे देश की संस्कृति है ।जिसमे बीकानेर के हुनर से आतुर कृष्ण चन्द का व्यवहार हमेशा शीतल रहा है । इन्होने कई रिकॉर्ड बनाये हैं। भविष्य में उच्च कोटि पर पहुचे और देश का नाम रौशन करे।

कार्यंक्र्म की अध्यक्षता करते हुए विनय किराड़ू गायक कलाकार ने बताया की शादियों में साफा पगड़ी का महत्व अधिक है। राज्य सरकार से अनुरोध है कि अनुदान राशि के साथ सर्वोच्च अवार्ड भी साफा पगडी में मिलना चाहिए,और कला एवं संस्कृति के तहत विभिन्न विभागों में भर्ती निकलना चाहिए। जिसे कलाकारो का सरंक्षण हो सके और आगे बढ़े ।

महेश पुरोहित ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और कार्यक्रम का सचालन आदित्य पुरोहित ने किया।कार्यकम मे विमल किशोर व्यास, श्याम सुन्दर किराड़ू, राजीव गोस्वामी, रोहित सुथार, कैलाश ओझा आदि गणमान्य लोग उपस्थित थें।