शहर में स्थापित हो भगत सिंह की प्रतिमा, युवा बोले आगाज एक बदलाव का…..

बीकानेर

शहर में स्थापित हो भगत सिंह की प्रतिमा, युवा बोले आगाज एक बदलाव का…..

बीकानेर, @Dainikkhabraan। देश के लिए मर मिटने वाले विरले ही होते हैं। ऐसे वीर शहीदों को भारत की माटी कभी भूलती ही नहीं। शहीद भगतसिंह, राजगुरु व सुखदेव भी इसी वजह से आज भी देश की रग रग में युवा खून में उबाल बन कर दौड़ रहे हैं।

आज शहीद दिवस पर तीनों वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए युवाओं में उत्साह साफ देखा गया। शहीद भगत सिंह प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति ने शहीद स्मारक पर भगतसिंह सहित तीनों वीरों को पुष्पांजलि दी।

इस दौरान समिति अध्यक्ष एड आसकरण ओझा ने अपने विचार रखते हुवे कहा कि दिल से निकलेगी न कभी मरकर भी वतन की उलफत, मेरी मिट्टी से भी खुशबू-ए-वतन आएगी, शहीदे आज़म भगत सिंह की लिखी यह पंक्तियां उनके विचार को बाखूबी ब्यान करती है। इन लोगों ने स्वयं जागने, औरों को जगाने, जोश, ज़ज्बा, जुनून और जिद् करने की लौ समाज में जलाई। उनकी शहादत के 92 वर्ष बाद भी उनके विचार समाज में जिन्दा है।

आज भी ये तीनों नाम देशवासियेां में एक नई प्रेरणा, नया उत्साह और नई उमंग भरने का काम करते हैं।
दुर्गासिंह शेखावत, गोविंद सारस्वत, रॉकी पड़िहार, प्रशांत ओझा, महादेव सारस्वत, आकाश ओझा व राहुल जादुसंगत ने वीर शहीदों को शब्द सुमन अर्पित किए। शहीदों के सम्मान में जय जयकार का घोष गूंज उठा।

कार्यक्रम में आसकरण ओझा, आकाश ओझा, रॉकी पड़िहार, गौरव शर्मा, प्रशांत ओझा, महादेव सारस्वत, अभिषेक शर्मा, अनोप सिंह, जतिन शर्मा, हरि सारस्वत, राधेश्याम, बलदेव सिंह, वेदप्रकाश, प्रभात, योगेश जांगिड़, मेहबूब,गजानन्द, मोहित, किशन सिंह खींची, मुकेश सारस्वत, विनीत, शुभम, हिमांशु जैन, योगेश शर्मा आदि शामिल हुए। संचालन गोविंद सारस्वत ने किया।