बीकानेर,@दैनिक खबरां।दुबई में रविवार से फिर आईपीएल मैच शुरू होने जा रहा है। शहर भर के कई सट्टेबाज, बुकीज़, खाईवाल अपना डेरा जमा लिए है। रोजाना अब से लाखों और करोड़ों में सट्टा खिलाया जाएगा।आईपीएल के मौके पर शहर भर में सट्टेबाज अपनी हरकतों से बाज नहीं आने वाले है। जिले में चल रहा ऑनलाइन सट्टे का कारोबार मुंबई जैसे बड़े शहरों से संचालित हो रहा है। अब आईपीएल के मैचों में उनकी लाइन चलने वाली है। मैच के हर गेंद में बुकीज़ अपने एजेंटों को हर जगहों पर भेजकर सट्टे का दाव लगवाते है।
ऑनलाइन सट्टा पुलिस के लिए चुनौती
ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़े सक्रिय सदस्य सट्टा लगाने वाले को नहीं जानते। वह केवल उनके खाते को जानते हैं। सूत्रों के मुताबिक पहले सक्रिय सटटेबाज और एक सट्टा लगाने वालों का एक ग्रुप बनाते है। इस ग्रुप में एक बड़ा बुकी होता है जो मुंबई जैसे शहरों से लाइनों को जुड़वाने का काम करते है। सट्टा कारोबार पर नकेल कसने के दावे फेल हो चुके हैं। जैसे ही टी-20 के मैच होते है वैसे ही पुलिस की नाक के नीचे फिर से सट्टा कारोबार शुरू हो जाता है। शहर में सट्टे का काम फिर से जोर पकडऩे लगा है।
गोवा, पुणे व मुंबई से चल रहा नेटवर्क
सटोरिए व खाईवालों का यह कारोबार हाईटेक हो गया है। चर्चित सटोरिए व खाईवाल आइपीएल शुरू होने से पहले ही गोवा, पुणे व मुंबई से लाइन लेना शुरू हो जाता है। लेकिन, उनका नेटवर्क शहर में सक्रिय रहता है। हाईटेक सटोरिए व खाईवालों का ऐसा नेटवर्क बन गया है कि कहीं भी बैठकर अपना कारोबार चला सकते हैं।
सट्टे के कारोबार में तकनीकी बदलाव
तकनीकी तरक्की का पूरा लाभ सटोरिए उठा रहे है। सट्टा कारोबार में भी तकनीक का जबरदस्त इस्तेमाल किया जा रहा है। सट्टेबाजों को यह सुविधा भी उपलब्ध है कि एक नंबर पर मिस कॉल करते ही उनके मोबाइल पर सट्टे के दिन भर का लेखा-जोखा आ जाता है। सट्टा चाहे कबूतर पर लगे या नंबर पर है तो सट्टा ही। इसके बुनियादी तौर-तरीके नहीं बदलते। सट्टेबाजों की नजर इतनी पैनी होती है कि उड़ते कबूतर की भी चाल पहचान लेते है और एक अपनी पुलिस है कि इतनी कमजोर कि हाथ आए कबूतर को भी उड़ा देती है। दरअसल सट्टेबाजी का इतिहास सदियों पुराना है। अलग-अलग जमाने में सट्टेबाजी की अलग-अलग शक्ल हुआ करती थी।
आईपीएल से सट्टेबाज होंगे मालामाल-आईपीएल मैच शुरू होते ही सट्टेबाजी के मामले लगातार सामने आ जाते है। ऐसे में आइपीएल के मुकाबलों पर सट्टा लगना तो कोई नई बात नहीं है। जिले में सट्टेबाज और बुकीज़ भी काफी सक्रिय हो गए हैं। अब बुकियों ने एप के माध्यम से इंटरनेशनल लेवल के सट्टों को भी क्रैक कर दिया है। बुकी अब गुप्त जगहों में बैठकर ही स्टेडियम के अंदर चल रही गतिविधियों को समझ जाते है। टेलीविजन में मैच तो चलता है मगर बुकियों ने अपने दिमाग का पूरा इस्तेमाल करके मैच के तीन बॉल होने के पहले के नतीजे का रन पता चल जाए ऐसा एप्प बनाया है जिससे टेलीविजन के 3 मिनट के अंतराल में ही स्कोर पता चल जाता है।

