बीकानेर,@दैनिक खबरां। जिले भर में जहां इन दिनों डेंगू का प्रकोप चारों तरफ फैला हुआ है सरकारी और निजी अस्पताल डेंगू के रोगियों से भरे पड़े हैं डॉक्टर नर्सिंग कर्मचारी और मेडिकल स्टाफ दिन रात जहां रोगियों के उपचार में लगा है वही बीकानेर संभाग के सबसे बड़े हॉस्पिटल पीबीएम से लापरवाही या आए दिन सामने आ रही है
अभी कुछ दिनों पहले ही जहां पीबीएम अस्पताल के एक डॉक्टर ने एक पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया था इसको लेकर काफी हंगामा भी हुआ आज एक बार फिर पीबीएम की लापरवाही खुलकर के सामने आई है डेंगू बुखार से ग्रस्त एक रोगी पवन माली निजी लैब से डेंगू की जांच करवाने के बाद जब डेंगू पॉजिटिव पाया गया उस समय उसकी प्लेटलेट्स 14000 थी हालत गंभीर होने के कारण रोगी के परिजन उन्हें पीबीएम हॉस्पिटल लेकर गए पीबीएम में जब दोबारा जांच की गई तो जांच में उनकी प्लेट लेट्स 4लाख 27 हजार आई परिजनों कोई रिपोर्ट देखने में काफी अटपटी लगी लेकिन डॉक्टरों ने कहा यह रिपोर्ट सही है
जब परिजन जिद पर अड़े रहे तब डॉक्टरों ने रोगी की दोबारा जांच करवाई दूसरी जांच में प्लेटलेट्स सिर्फ 15000 आई रोगी के परिजनों ने दैनिक खबरां को बताया कि हाॅस्पिटल के हालात बहुत खराब है अगर परिजन ड्यूटी पर तैनात डाॅक्टर या नर्सिंग स्टाफ से मरीज के बारे में पुछते है तो वह सीधे मुंह बात तक नहीं करते लापरवाही के कारण डेंगू मरीजो की जिंदगी दांव पर लगी रहती है लेकिन ऐसी गलतियां कई बार जिंदगी पर भारी भी पड़ सकती है
तो प्रशासन को यहां सतर्कता से काम लेना होगा ताकी लापरवाही ना है उनमें सुधार करना होगा तभी रोगियों को सही उपचार मिल पाएगा रोगियों को जरूरत है डॉक्टर्स और नर्सिंग कर्मचारियों के अच्छे व्यवहार की और साफ-सुथरे वातावरण की इसी के साथ जांचो में दवाइयों में जो लापरवाही हो रही है उनको जल्द से जल्द रोकने की।



