पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद राजस्थान की बारी, राजस्थानी भाषा को मान्यता की तैयारी…..

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पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद राजस्थान की बारी, राजस्थानी भाषा को मान्यता की तैयारी-सतीश पूनिया

●भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने दी बधाई

●भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने लिखा गृहमंत्री अमित शाह को पत्र

जयपुर/बीकानेर/जोधपुर, @dainikkhabraan। पांच राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव परिणामों से प्राप्त खुशी को जाहिर करते हुए तथा जनमत का सम्मान करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया नें भाजपा प्रदेश कार्यालय में बधाई कार्यक्रम का आयोजन किया तथा गृहमंत्री अमित शाह तथा प्रधानमंत्री मोदी सहित सभी निर्वाचित सदस्यों को बधाई प्रेषित की।साथ ही राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने हेतु पंद्रह करोड़ राजस्थानियों की भाषा के मान सम्मान हेतु गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा।

प्रदेशाध्यक्ष के इस कदम से लगता है राजस्थान में होनेवाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरु कर दी है। यह राजस्थानी भाषा प्रेमियों के लिए शुभ संकेत है। साथ ही राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के लिए कठोर निर्णय की घड़ी भी है।राजस्थान की सरकार को अब ताजा चुनाव परिणामों को ध्यान में रखते हुए अतिशीघ्र राजस्थानी को राजस्थान की राजभाषा बनाने का निर्णय लेना चाहिए। 

आशा है मारवाड़ के गांधी जादूगर अशोक गहलोत इस मुद्दे पर शीघ्र ही निर्णय लेकर असंतुष्ट मायड़भासा हेताळुओं को साधने के लिए कोई ‘जादू’ जरुर दिखायेंगे।

राजस्थानी को राजभाषा बनाने का मुद्दा आजकल सरकार के गले की फांस बना हुआ है। पक्ष और विपक्ष के लगभग 156 विधायकों ने इस बारे में मुख्यमंत्री को पहले ही पत्र लिखकर भेज दिया है। वर्तमान विधानसभा सत्र में भी बीस से अधिक विधायकों ने सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा था। चर्चा के दौरान भी खुशवीरसिंह जोजावर, बलवान पूनिया, जोगेश्वर गर्ग, बिहारीलाल बिश्नोई आदि ने राजस्थानी भाषा की मांग पुरजोर तरीके से रखी थी। 

मायडभाषा हेताळुओं का कहना है कि राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव राजस्थानी भाषा के मुद्दे पर ही लड़े जायेंगे। और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष द्वारा लिखित पत्र से इस बात की पुष्टी होती है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के इस कदम की राजस्थान मोट्यार परिषद के मोट्यांरो कोटा संभाग से दिलीपसिंह शशांक हरप्रीत,सुरेंद्र स्वामी,अजमेर संभाग से प्रह्लादसिंह झौरड़ा, भवानीसिंघ राठौड़ ‘भावुक’, बीकानेर संभाग से डाॅ. हरिराम बिश्नोई, डॉ गौरीशंकर प्रजापत, प्रशान्त जैन, राजेश चौधरी, सरजीत सिंह, सुमन शेखावत, अजय कंवर, रामावतार उपाध्याय, उदयपुर संभाग से डॉ. शिवदानसिंह जोलावास, सूरतगढ से मनोज कुमार स्वामी, जोधपुर से जगदीश मेघवाल, मगराज मेघवाल, जयपुर से ओ. पी. औझा, सुरेश मुदगल, सीमा राठौड़ ने खुशी जाहिर की है।