गहलोत बोले- अलवर में मूकबधिर नाबालिग से नहीं हुआ रेप : रीट में सीबीआई जांच की मांग का मकसद, नौकरियां रोककर सरकार को बदनाम करना
जयपुर, @dainikkhabraan। राज्यपाल के अभिभाषण पर चार दिन तक चली बहस के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि बहस तो हुई नहीं, हमारे विपक्ष के सदस्य बोले नहीं, बहस तो हुई नहीं, किस बहस का जवाब दूं। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इतने साहब इकट्ठे हो गए कि पता नहीं, साहबों का सरदार कौन होगा? उल्लेखनीय है कि रीट की सीबीआई जांच की मांग पर भाजपा ने कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया।
राजनीतिक लाभ के लिए दुर्घटना को रेप का नाम दिया
गहलोत ने कहा- अलवर में बालिका के साथ हुई दुर्घटना को राजनीतिक लाभ लेने के लिए रेप का नाम दे दिया। अलवर के केस को हमने सीबीआई को सौंप दिया। अब दिल्ली में सरकार इनकी है, इस केस को सीबीआई क्यों नहीं ले रही? उस बच्ची का रेप हुआ ही नहीं, उसके रेक्टम सहित अंगों में रेप का प्रमाण नहीं मिला। फिर भी रेप रेप चिल्ला रहे हैं। उस परिवार पर क्या बीत रही होगी?
रीट को सीबीआई को देने के पीछे मकसद नौकरियां रोक कर सरकार को बदनाम करना है
गहलोत ने कहा- रीट की परीक्षा को सीबीआई का देने से मकसद है कि नौकरियां साल भर के लिए टल जाएं और फिर ये सरकार को बदनाम कर सकें कि सरकार नौकरियां नहीं दे पा रही है। लोकसभा में हनुमान बेनीवाल के सवाल के जवाब में केंद्र ने बताया है कि पिछले 10 साल में राजस्थान से सीबीआई को 37 केस मिले, 27 ट्रायल में हैं, यह हालत है। हमने पाली का मनोहर राजपुरोहित अपहरण, जोधपुर लवली कंडारा और अलवर का केस सीबीआई को दे रखा है लेकिन कुछ नहीं हुआ।
हम चाहते हैं 10 दिन में भर्ती प्रक्रिया शुरू हो
गहलोत ने कहा- हम चाहते हैं कि बच्चों के लिए अगले 10 दिन में भर्ती निकालें और अगले छह माह में नौकरी मिल जाए। टीचर्स की 62 हजार नौकरियां लग रही हैं। 62 हजार नौकरियां रुके कैसे कुछ लोग इस प्रयास में है।पिछले कई साल से कुछ लोग नौकरियां रोकने का प्रयास करते रहते हैं।
गहलोत बोले- कोरोना में केंद्रीय मंत्री ने पापड़ खाने और नारियल चढ़ाने की सलाह दी
गहलोत ने कहा कि कोरोना से दुनिया चिंतित थी, इनके मंत्री क्या कह रहे थे? कोरोना में हमारे केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल कहते हैं- भाभीजी पापड़ खाओ। गजेंद्र सिंह शेखावत कहते हैं कि बालाजी के नारियल चढ़ाओ। भोले लोग इनके बहकावे में आ जाते हैं। इनके बहकावे में आकर कई लोग मारे गए। ये इस तरह की सोच के लोग हैं। कभी ताली बजती है, कभी थाली बजती है।
जहां शिक्षा कम है, वहां भाजपा ज्यादा : गहलोत
गहलोत ने कहा कि हमारे सीपीएम विधायक ने ही कहा था कि जहां शिक्षा कम है, वहां भाजपा ज्यादा है। यह बात सही है। जहां शिक्षा कम है, वहां भाजपा ज्याादा है। हम शिक्षा को बढ़ावा देंगे। हमने निजी सैक्टर में भी कॉलेज यूनिवर्सिटी को बढ़ावा दिया। पहले हमारे बच्चों को इंजीनियरिंग और मेडिकल शिक्षा के लिए महाराष्ट्र सहित बाहरी राज्यों में जाना पड़ता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। राजस्थान देश का पहला राज्य होगा, जहां गांव गांव में अंग्रेजी स्कूल होंगे। विधायक जितने अंग्रेजी स्कूल मांगेगे, उतना देंगे। बीजेपी वाले तो यूनिवर्सिटी बंद करने वाले लोग हैं।
केंद्रीय जल संसाधन मंत्री को राजस्थान से कोई मतलब नहीं
गहलोत ने कहा कि जलशक्ति मंत्री राजस्थान के हैं, लेकिन उन्हें राजस्थान से कोई मतलब नहीं है। हमने केंद्रीय योजना में केंद्र का हिस्सा बढ़ाने की मांग की लेकिन ध्यान नहीं दिया। ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग लंबे समय से चल रही है। पीएम ने चुनाव से पहले इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की घोषणा की, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
गहलोत ने कहा कि हो सकता है चुनाव आने तक केंद्र ईआरसीपी को केंद्रीय परियोजना घोषित कर दे। अगर नहीं करेंगा तो 13 जिले के लोग सबक सिखा देंगे, इन 13 जिलों में 82 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। चुनाव में की गई घोषणा से मुकरेंगे तो जनता सबकक सिखाएगी। यूपी में अभी चुनाव आए तो उन्होंने केन-बेतवा लिंक को 44 हजार करोड़ रुपए दे दिए, जबकि यह पहले की योजना थी।
किसानों के कर्ज माफी के लिए सैटलमेंट करे केंद्र, हम हिस्सा देने को तैयार
गहलोत ने कहा कि हम कॉमर्शियल बैंकों से किसान के कर्ज माफ करने के लिए केंद्र सरकार से सैटलमेंट कराने का प्रयास कर रहे हैं। हमने केंद्र सरकार से कहा है कि हम सैटलमेंट का पैसा देने को तैयार हैं। अगर नीरव मोदी, एबीसी जैसे लोगों का कर्ज एनपीए हो सकता है, तो किसान का हम सैटलमेंट का पैसा हम देने को तैयार हैं। ये केवल किसान को भड़काना ही जानते हैं।

