कुंवारे लड़के के प्यार में दिवानी हुई 3 साल के बच्चे की मां, युवक व महिला ने किया सामूहिक सुसाइड…..

पुलिस कार्रवाई भीलवाड़ा राजस्थान राज्य

कुंवारे लड़के के प्यार में दिवानी हुई 3 साल के बच्चे की मां, युवक व महिला ने किया सामूहिक सुसाइड…..

भीलवाड़ा, @Dainikkhabraan। भीलवाड़ा जिले के मांडल इलाके में एक शादीशुदा महिला ने कुंवारे लड़के के प्यार में पड़कर अपनी जान दे दी। महिला के तीन साल एक बेटा भी है। लेकिन प्रेमी की ना हो पाने के कारण उसने उसके साथ जान दे दी। दोनों एक होटल में जाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें परिजनों को सौंप दिया है। महिला के गांव में युवक का ननिहाल था। वहीं से दोनों की प्रेम कहानी  शुरू हुई थी जिसका अंत सामूहिक आत्महत्या के रूप में सामने आया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

करेड़ा थानाप्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि आत्महत्या करने वाला जोड़ा सुमेर सिंह (25) और गुड़िया (26) है।

सुमेर रायपुर थाना इलाके के उदयराम जी खेड़ा का रहने वाला था। वह पंजाब में आइसक्रीम का ठेला लगाता था। सुमेर का ननिहाल फुलिया कलां थाना इलाके में नई अरवड़ में है और गुड़िया वहीं की रहने वाली थी। गुड़िया की शादी बनेड़ा थाना इलाके के मुशी खेड़ा गांव में हुई थी। उसके तीन साल का एक बेटा है।

होटल में कुछ देर रुकने के बहाने लिया कमरा किराये पर
सुमेर और गुड़िया की मुलाकात नई अरवड़ में हुई थी। वहीं से दोनों के बीच प्रेम प्रसंग हुआ. सुमेर और गुड़िया मंगलवार को बेमाली चौराहा स्थित श्रीराम होटल में पहुंचे. वहां दोनों ने काउंटर पर जाकर थोड़ी देर रुकने की बात कहकर एक कमरा किराए पर लिया था। कुछ देर बाद होटल का कर्मचारी खाने पीने का ऑर्डर लेने के लिए उनके कमरे में गया। लेकिन कमरा अंदर से बंद था। इस पर उसने कमरे का दरवाजा खटखटाया। लेकिन कमरे के अंदर से कोई जवाब नहीं आया। इस पर उसे शंका हुई तो उसने होटल संचालक को इस बारे में अवगत कराया।

पुलिस ने उतारे दोनों के शव
बाद में जब होटल कर्मचारियों ने खिड़की से झांककर देखा तो दोनों पंखे के लटके हुए थे। इस पर आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई।

इस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उनका कमरा खोला। बाद में शवों को नीचे उतारकर स्थानीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। दोनों के नाम पतों की तस्दीक होने के बाद उनके परिजनों को सूचित किया गया। बाद में दोनों शवों का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।