लावारिस हालत में मिलें बच्चें की सेवा में जुटी असहाय सेवा संस्थान, जिसका कोई नहीं देखभाल करने वाले……
बीकानेर में असहाय सेवा संस्थान
समाज सेवा
बीकानेर, @Dainikkhabraan। समाज सेवा और पीबीएम अस्पताल से जुड़ें कार्यो दीन हिन, गरीबों, लावारिस घायलों की सेवा और मृतकों का दाहसंस्कार करना इत्यादि के लिए वर्तमान में निस्वार्थ भाव से से काम करने वाली “असहाय सेवा संस्थान” बीकानेर।
“जाको राखे सांईया मार सके ना कोय” इस वाक्य को चरितार्थ करते हैं असहाय सेवा संस्थान के सेवादार। होली के दिन दिनांक 17 मार्च 2022 को सूरतगढ क्षेत्र की रोही में मिला घायल 7 वर्ष बालक जिसे सूरतगढ पुलिस द्वारा पहले सूरतगढ फिर श्रीगंगानगर और फिर बीकानेर के पीबीएम अस्पताल इलाज हेतु लाया गया था। इसे गम्भीर अवस्था में पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेन्टर में ईलाज हेतु भर्ती कर लिया गया था। जहां पीबीएम अस्पताल में भर्ती के दौरान बच्चे की होली वाले दिन से ही 15-16 दिनों तक दिन-रात सम्पूर्ण देखभाल असहाय सेवा संस्थान के सेवादारों नें की इनके साथ चाईल्ड लाईन के सेवादारों का भी सहयोग मिला।
असहाय सेवा संस्थान के सेवादार राजकुमार खड़गावत, ताहिर हुसैन, त्रिलोक सिंह, अशोक कुमार, रमजान, मो. जुनैद, अब्दुल सतार, इरफान, भरत, रामा, गोविन्द, शोएब आदि
सहयोगी, चाईल्ड लाईन-चैनाराम, ललिता, ज्योति, ताला राम, भवानी, तोलाराम आदि।
इनके अलावा
सूरतगढ थान क्षेत्र से बलजीत सिंह, सुखमन्द्र सिंह, देवीलाल, कनीराम, धर्मेन्द्र, मोटाराम आदि
बच्चे के ईलाज में पीबीएम अस्पताल के अनेक डॉक्टर्स, नर्सिंग आदि स्टॉफ का बेहद सहयोग रहा।
होली वाले दिन से लेकर पूरे 15 दिन असहाय सेवा संस्थान के सेवादार ने दिन और रात एक करके बच्चे की बेहतर तरीके से देखभाल की। ऊपरवाले के आशीर्वाद से बच्चे की जानबच गयी और बच्चे को पुनर्जन्म मिला। संयोग से जिस दिन उसका जन्म दिन आता है उसी दिन इस बच्चे की आवाज सुनाई दी। यह कह सकते है कि जन्मदिन वाले दिन ही इस बच्चे का पुनर्जन्म हुवा है। दिनांक 31.03.2022 को अस्पताल से बच्चे को छूट्टी दे दी गयी है। बच्चा पूरी तरह से साफ बोल पा रहा है और स्वस्थ हो गया है ।
मामला में एक नया मोड़ मिला
बच्चे के भर्ती के दौर एक परिवार इसकी पहचान अपनें पोते व बेेटे मनजोत नाम से की थी। ओर पहचान करनें दादी, पिता, भुवा, फुंफा, भांजा, दो भाई आदि नें भी अपना परिवार बताया था और लगभग एक सप्ताह तक इस परिवार के सदस्य अस्पताल में ही रह रहे थे। जब असलियत मालूम चली तब वापिस अपनें घर चले गये। क्योंकि इस परिवार को भी अपनी बहू व बेटा मनजोत हनुमानगढ पुलिस द्वारा मिल गये थे।
अस्पताल से छुट्टी होनें के बाद असहाय सेवा संस्थान के सेवादार पुलिस की निगरानी में एम्बुलेंस द्वारा सूरतगढ थाने में बच्चे को सुरक्षित छोडकर आये। बच्चे के परिजन मिल गये है और बच्चे को मारनें वाले मुलजिमों का पता भी चल गया है । 15 दिन के अन्दर बच्चे के ईलाज के साथ-साथ परिजनों को मिलना और मुजरिमों का पता चल जाना भी संयोग कहा जा सकता है ।
यह था मामला:
होली के दिन दिनांक 17 मार्च 2022 को सूरतगढ क्षेत्र की रोही में मिला घायल 7 वर्ष बालक जिसे सूरतगढ पुलिस द्वारा पहले सूरतगढ फिर श्रीगंगानगर और फिर बीकानेर के पीबीएम अस्पताल इलाज हेतु लाया गया था। दिनांक 18 मार्च 2022 को दोपहर में इस बालक के ईलाज हेतु ऑपरेशन करनें हेतु ईओटी ले जाकर ईलाज करनें के बाद इसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। इसके दो दिन बाद बाद पूरा ऑपरेशन कर दिया गया।


