सरकारी अस्पताल में नवजात की हत्या का खुलासा — मां ने ही गला घोंटकर ली अपने बच्चे की जान
दैनिक खबरां, बीकानेर। बीकानेर संभाग के चूरू के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में नवजात की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मां गुड्डी देवी (40) ने ही अपने दो घंटे के बेटे का गला घोंटकर हत्या कर दी थी। किसी को बच्चे के रोने की आवाज न सुनाई दे, इसके लिए पहले उसने मुंह दबाया और फिर गला घोंट दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाने से हुई मौत की पुष्टि होने के बाद यह सनसनीखेज मामला उजागर हुआ। मृतक बच्चे की मौसी मैना देवी ने आरोपी मां के खिलाफ कोतवाली थाना चूरू में हत्या का मामला दर्ज कराया है।
पति पैरालिसिस से ग्रस्त, परिवार की आर्थिक हालत बेहद खराब
थानाधिकारी सुखराम चोटिया ने बताया कि आरोपी महिला गुड्डी देवी की शादी करीब 24 साल पहले अजीतसर निवासी ताराचंद से हुई थी। ताराचंद को दस साल पहले पैरालिसिस हो गया था और वह तभी से चारपाई पर पड़ा है। घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होने के कारण गुड्डी देवी लंबे समय से मानसिक तनाव में थी।
6 नवंबर की रात करीब 11 बजे गुड्डी को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उसे डीबी अस्पताल चूरू लेकर पहुंचे। वहां उसकी नॉर्मल डिलीवरी से बेटा हुआ। परिजनों के अनुसार गुड्डी पहले से चार बच्चों की मां है। इस बार फिर बेटा होने के बाद उसने कहा— “अब कौन कमाएगा, इतने बच्चों को कैसे पालूंगी।”
रात में वारदात, सुबह हुआ खुलासा
रिपोर्ट के मुताबिक, डिलीवरी के बाद मां और नवजात को वार्ड में शिफ्ट किया गया। रात करीब दो से चार बजे के बीच गुड्डी ने बच्चे का गला दबा दिया। सुबह जब उसकी बड़ी बहन मैना ने बच्चे को देखा तो वह निश्चल पड़ा था और गले पर निशान थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद नवजात को मृत घोषित कर दिया। इस पर जब मैना ने बहन से पूछताछ की, तो गुड्डी ने रोते हुए कहा— “मुझसे गलती हो गई।”
पोस्टमॉर्टम में हुआ हत्या का खुलासा, मां पर केस दर्ज
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि नवजात की मौत गला घोंटने से हुई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित स्टाफ से पूछताछ की। थानाधिकारी सुखराम चोटिया ने बताया कि आरोपी महिला वर्तमान में अस्पताल में भर्ती है। डिस्चार्ज होने के बाद उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
परिजनों ने बच्चे को लेने से भी किया इनकार
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, डिलीवरी के बाद परिजनों को बच्चे के जन्म की सूचना दी गई थी, लेकिन काफी देर तक कोई भी परिजन नवजात को लेने नहीं आया। इससे भी मामला संदिग्ध लगा। लेबर रूम स्टाफ के मुताबिक, गुड्डी देवी के परिजनों के पास गर्भावस्था के दौरान कराई गई एक भी जांच रिपोर्ट नहीं थी। पूछे जाने पर वे कोई जवाब नहीं दे पाए।

