11 साल पुराने मारपीट प्रकरण में कोर्ट का बड़ा फैसला,मां–भाई पर हमला करने वाले दो सगे भाइयों सहित चार दोषी, 7 साल कैद– ₹60हजार क्षतिपूर्ति के आदेश

बीकानेर बीकानेर पुलिस

11 साल पुराने मारपीट प्रकरण में कोर्ट का बड़ा फैसला,मां–भाई पर हमला करने वाले दो सगे भाइयों सहित चार दोषी, 7 साल कैद व ₹60,000 क्षतिपूर्ति के आदेश

वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप शर्मा की रही मजबूत पैरवी, सहयोगी के रूप में अधिवक्ता मनोज जाजड़ा की भी रही भूमिका

दैनिक खबरां,बीकानेर। 11 साल पुराने मारपीट के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा निर्णय सुनाया है। माता और छोटे भाई के साथ मारपीट करने के दोषी पाए गए दो सगे भाइयों सहित चार आरोपियों को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2, बीकानेर की अदालत ने सात वर्ष के कारावास और अर्थदण्ड से दंडित किया है। अदालत ने अर्थदण्ड में से ₹60,000 परिवादी को क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाने के आदेश दिए हैं। यह जानकारी परिवादी पक्ष के अधिवक्ता जयदीप कुमार शर्मा ने दी, जिन्होंने पूरे मामले में प्रभावी पैरवी की और गवाहों और सबूतों को अदालत में मजबूती के साथ पेश किया जिसके चलते पीड़ितों को कोर्ट से न्याय मिला।

पैतृक संपति विवाद में भाइयों नें माँ व भाई पर बोला हमला
अधिवक्ता जयदीप कुमार शर्मा नें बताया उपरोक्त प्रकरण में परिवादी आनंद तंवर ने बताया कि रामपुरा बस्ती गली नंबर 2 में स्थित पैतृक भूमि के विवाद को लेकर भाइयों श्याम तंवर और लक्ष्मण तंवर से मतभेद चल रहा था। 6 अक्टूबर 2014 को वह अपनी मां संतोष देवी और परिजनों के साथ निर्माण कार्य देखने गया था। इसी दौरान श्याम तंवर, लक्ष्मण तंवर, रामप्रसाद और मूलचंद सहित अन्य लोगों ने लोहे की रॉड, कुल्हाड़ी और लकड़ियों से हमला कर दिया, जिससे आनंद गंभीर रूप से घायल हो गया और एक माह तक अस्पताल में भर्ती रहा। मोटरसाइकिल तोड़ने और रुपये लूटने का आरोप भी सामने आया। इस घटना को लेकर नयाशहर थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।

कोर्ट में आठ गवाह पेश हुए
मुकदमा दर्ज होने के बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई चली। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता जयदीप शर्मा की पैरवी में कुल आठ गवाह पेश किए गए। कोर्ट में अधिवक्ता की मजबूत पैरवी से अदालत ने माना कि आरोपियों ने अपने ही भाई और माता के साथ गंभीर मारपीट की है, इसलिए परिवीक्षा का लाभ देना उचित नहीं है। अदालत ने श्याम तंवर, लक्ष्मण तंवर, रामप्रसाद और मूलचंद को धारा 323/34 में एक वर्ष साधारण कारावास व ₹1,000 अर्थदण्ड, धारा 325/34 में सात वर्ष साधारण कारावास व ₹20,000 अर्थदण्ड, धारा 341/34 में एक माह साधारण कारावास व ₹500 अर्थदण्ड तथा धारा 427/34 में एक माह साधारण कारावास व ₹5,000 अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अर्थदण्ड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। अदालत ने अर्थदण्ड में से ₹60,000 परिवादी आनंद तंवर को अपील अवधि बीतने के छह माह बाद क्षतिपूर्ति के रूप में देने के निर्देश दिए और शेष राशि राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए।
फैसले के बाद जमानत पर चल रहे चारों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया, जंहा से उन्हें जेसी कर दिया गया।