बीकानेर में बिना दहेज की आदर्श शादी बनी मिसाल, मात्र ₹1 और नारियल में हुआ विवाह संस्कार, पेशे से वर-वधु चिकित्सक
दैनिक खबरां,बीकानेर। आधुनिक दौर की चकाचौंध भरी शादियों के बीच जहां आम आदमी के लिए बेटी की शादी करना बोझ बनता जा रहा है, वहीं समाज में कुछ युवाओं ने सादगी और बिना दहेज की मिसाल पेश कर नई शुरुआत की है। इसी कड़ी में हैमेरा निवासी डॉ. सौरभ पुत्र जगदीश प्रसाद सारस्वत (लेखाधिकारी प्रथम) ने मात्र ₹1 और नारियल लेकर विवाह संपन्न कर समाज के सामने आदर्श उदाहरण रखा।
डॉ. सौरभ का विवाह बीकानेर निवासी डॉ. अनुष्का पुत्री श्री धनसूख तावनिया (प्रदेश अध्यक्ष, विप्र फाउंडेशन राजस्थान) के साथ वैदिक सनातन रीति-रिवाजों से शनिवार रात 22 नवंबर को संपन्न हुआ। दूल्हे ने तोरण की रस्म निभाने के बाद शुभ मुहूर्त में सात फेरे लिए।
विदाई के समय वधु पक्ष की ओर से किसी प्रकार का दहेज नहीं लिया गया। दूल्हे और उनके परिवार ने केवल ₹1 और नारियल लेकर विवाह संस्कार पूर्ण किए। उपस्थित समाजजनों ने इस निर्णय की सराहना करते हुए दुल्हन के पिता धनसूख तावनिया को बधाई दी।
वधु पक्ष ने विवाह में रिंग सेरेमनी, प्री-वेडिंग शूट जैसी कुप्रथाओं को पूरी तरह दूर रखकर विधि-विधान से सादगीपूर्ण शादी करवाई। दूल्हे के मामा, प्रख्यात व्यवसायी एवं समाजसेवी जयप्रकाश तावनिया ने बताया कि नवदंपति दोनों ही चिकित्सक हैं और समाज के सामने बिना दहेज विवाह का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसका अन्य लोग भी अनुसरण करेंगे।
इस मौके पर विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा, विधायक ताराचंद सारस्वत, भंवर पुरोहित, सुनील तावनिया, डूएस बैंक के डायरेक्टर पंकज ओझा, एचएसबीसी बैंक के वाइस प्रेसिडेंट ललित नारायण ओझा, व्यवसायी दीपक पारीक समेत सारस्वत व ब्राह्मण समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

