बारां जिले ने ‘गिव अप अभियान’ में रचा इतिहास,98 हजार संपन्न लोगों ने छोड़ी खाद्य सुरक्षा,1.26 लाख पात्र हुए लाभान्वित
बारां,दैनिक खबरां। राजस्थान सरकार के गिव अप अभियान में बारां जिला प्रदेश में उदाहरण बनकर उभरा है। जिले में अब तक 98,482 संपन्न लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का त्याग किया, जिससे बनी रिक्तियों से 1,26,669 नए पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया। जिला रसद अधिकारी विश्वजीत सिंह ने बताया कि यह अभियान जिले में सामाजिक उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और सहभागिता की मिसाल बन गया है। उन्होंने कहा कि सक्षम वर्ग का त्याग अब गरीबों के हक का आधार बन रहा है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गिव अप अभियान सामाजिक न्याय और संवेदनशील प्रशासन का प्रतीक बन चुका है। अब तक प्रदेशभर में 37.62 लाख अपात्रों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ी, जबकि 65.25 लाख नए पात्र परिवारों को जोड़ा गया है। मंत्री ने बताया कि गिव अप अभियान की ऐतिहासिक सफलता को देखते हुए इसकी अवधि 31 अक्टूबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। 1 नवम्बर से जो अपात्र स्वेच्छा से योजना नहीं छोड़ेंगे, उनसे ₹30.57 प्रति किलो गेहूं की दर से वसूली की जाएगी।
नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया अब और आसान
सरकार ने पात्र वंचित परिवारों को लाभ से जोड़ने की प्रक्रिया को पूरी तरह सरल और ऑनलाइन बना दिया है। पात्र व्यक्ति घर बैठे विभाग की वेबसाइट food.rajasthan.gov.in या नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकता है। खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए जिला कलेक्टर को भी अधिकृत किया गया है। विभागीय दल घर-घर जाकर पात्रता की जांच कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा मंत्री गोदारा ने बताया कि पात्र और वंचितों तक ही योजना का लाभ पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए सघन पर्यवेक्षण और डोर-टू-डोर सत्यापन कार्य जारी है। अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है और सभी जिलों में जागरूकता व प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया है।
वसूली को लेकर विभाग रहेगा सख्त
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने अपात्र लाभार्थियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
मंत्री गोदारा ने बताया कि 31 अक्टूबर तक जो अपात्र स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर नहीं होंगे, उनसे 1 नवम्बर से ₹30.57 प्रति किलोग्राम गेहूं की दर से वसूली की जाएगी। इसके लिए अपात्र व्यक्तियों की सूचियां दुकानवार और पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जाएंगी, उन्हें नोटिस जारी कर विधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। विभाग ने डोर-टू-डोर सत्यापन अभियान भी शुरू किया है, ताकि पात्र और अपात्र की पहचान पारदर्शी तरीके से की जा सके।

