ट्रेक्टर ट्रॉली व मोटरसाईकिल की भिड़ंत में दो युवकों की दर्दनाक मौत,लोग बनाते रहें वीडियो, नर्सिंग स्टूडेंट ने दिखाई मानवता,पहुंचाया ट्रॉमा

बीकानेर

ट्रेक्टर ट्रॉली व मोटरसाईकिल की भिड़ंत में दो युवकों की दर्दनाक मौत,लोग बनाते रहें वीडियो, नर्सिंग स्टूडेंट ने दिखाई मानवता,पहुंचाया ट्रॉमा

दैनिक खबरां,बीकानेर। शहर के जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र में सोमवार रात्रि हुए एक सड़क हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत होने की घटना सामने आई है। जिसमें एक की उम्र 35 वर्ष और दूसरे की 25 वर्ष बताई जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक घटना सोमवार रात्रि करीब आठ बजे के आसपास की है। यह हादसा जयपुर रोड़ स्थित खाटू श्याम मंदिर के पास से नापासर जाने वाली रोड़ पर हुआ। जंहा ट्रेक्टर ट्रॉली और मोटरसाईकिल की भिड़ंत में मोटरसाईकिल सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि इस हादसे में एक युवक की खोपड़ी खुल गई और ब्रेन बाहर आ गया। हादसे के बाद इधर से गुजर रहें राहगीर तमाशबीन बनकर वीडियो बनाने में मशगुल नजर आए। इस बीच मंदिर दर्शन के लिए इस रोड़ से गुजर रहें मेडिकल बीएससी नर्सिंग कर रहे शिवनारायण झोरड़ ने हिम्मत व मानवता का परिचय देते हुए घायलों को संभाला। शिवनारायण ने दैनिक खबरां को बताया कि दोनों घायलों में एक की खोपड़ी खुल गई थी,उसमे से ब्रेन बाहर आ गया था। वंही दूसरे घायल की साँसे संभाली तो उसकी स्थति कुछ ठीक लगी तो फौरन उसे सीपीआर दी। उसके बाद उसे टैक्सी में लेकर पीबीएम ट्रॉमा पहुंचाया और पुरे रास्ते सीपीआर देनी चालु रखी। हॉस्पिटल पहुंचते ही एक घायल 35 वर्षीय ने दम तोड़ दिया वंही कुछ देर बाद दूसरे 25 वर्षीय घायल युवक ने भी ईलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों घायल केसरदेसर जाटान के रहने वाले थे। इससे पहले नर्सिंग स्टूडेंट शिवनारायण और ट्रॉमा में मौजूद डॉक्टर्स और नर्सिंग योगेश मेहरा सहित ट्रॉमा स्टाफ ने घायल को बचाने में पूरी कोशिश की, लेकिन इस युवक ने भी दम तोड़ दिया। दोनों मृतकों के शवो कों मोर्चेरी में रखवाया गया है। जंहा सुबह परिजनों की मौजूदगी में उनका पोस्टमार्टम होगा।

घायलों कों बचाने की कोशिश में हॉस्पिटल लेकर आने वाले नर्सिंग स्टूडेंट शिवनारायण का कहना है कि आज वाली इस घटना के बाद दुर्घटना स्थल पर जो लोग मदद ना करके वीडियो बनाने में व्यस्त थे। उनको देखकर मन बड़ा दुःखी हुआ और सोचा कि इंसान में मानवता नाम की चीज बची ही नहीं। गौरतलब है, सरकार द्वारा दुर्घटना में घायल को बचाने वाले को नकद पुरस्कार दिया जाता है वंही पुलिस पूछताछ से भी मुक्ति की बात कही जाती है। तो ऐसे में आज शिवनारायण ने जो हिम्मत दिखाकर मानवता की मिशाल इस समाज में पेश की है। इस तरह की जिम्मेदारी हर आम नागरिक को निभानी चाहिए, क्योंकि आपकी एक मदद से किसी के घर का चिराग बुझने से बच सकता है।