राजघराने का विवाद फिर उभरा; राज्यश्री कुमारी को जूनागढ़ मंदिर में प्रवेश से रोका, पुलिस बुलाई गई..

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राजघराने का विवाद फिर उभरा: राज्यश्री कुमारी को जूनागढ़ मंदिर में प्रवेश से रोका, पुलिस बुलाई गई

दैनिक खबरां,बीकानेर।बीकानेर के पूर्व राजघराने की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को फिर चर्चा में आ गया। पूर्व महाराजा डॉ. करणी सिंह की पुत्री राज्यश्री कुमारी को जूनागढ़ किले स्थित पारिवारिक मंदिर में प्रवेश से रोक दिया गया। राज्यश्री अपने अधिवक्ता कमल नारायण पुरोहित और अविनाश व्यास के साथ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचीं, लेकिन प्रवेश द्वार पर ही उन्हें रोक लिया गया। मौके पर पुलिस जाब्ता बुलाया गया और कोटगेट थानाधिकारी विश्वजीत सिंह भी पहुंचे। करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों में बहस होती रही। राज्यश्री के अधिवक्ताओं ने अदालत के आदेश की प्रति दिखाकर प्रवेश देने की मांग की, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी। इसके बाद राज्यश्री को वापस लौटना पड़ा।

राज्यश्री ने कहा कि “जूनागढ़ किले में हमारा पारिवारिक मंदिर है। आज पिता डॉ. करणी सिंह की पुण्यतिथि पर मुझे दर्शन से रोकना गलत है। मुझे कानून और न्याय पर पूरा भरोसा है।” राज्यश्री के सचिव गोविंद सिंह ने बताया कि एडीजे कोर्ट नंबर-3 ने हाल ही में राज्यश्री को संपत्तियों के संचालन की प्रशासक मानते हुए उनका प्रार्थना पत्र स्वीकार किया था। इसी निर्णय के बाद वे मंदिर पहुंचीं, लेकिन पुलिस ने प्रवेश नहीं दिया।


सिद्धि कुमारी पर मनमानी का आरोप!
राज्यश्री ने कहा कि बीकानेर पूर्व की भाजपा विधायक सिद्धि कुमारी अपने पद के दबाव में मनमानी कर रही हैं। मंदिर में दर्शन से रोकना इसी का हिस्सा है।
हालांकि सिद्धि कुमारी की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

डॉ. करणी सिंह की वसीयत में पांच प्रशासक
डॉ. करणी सिंह ने अपनी संपत्तियों से जुड़े ट्रस्टों की देखरेख के लिए पांच प्रशासक नियुक्त किए थे—सुशीला कुमारी, राजसिंह डूंगरपुर, अरविंद सिंह मेवाड़, मानेकशा और राज्यश्री कुमारी। चार प्रशासकों के निधन के बाद अब राज्यश्री अकेली प्रशासक हैं। इसी प्रशासकशिप को सिद्धि कुमारी ने अदालत में चुनौती दी है।

ट्रस्टों और संपत्तियों पर चल रहा विवाद
राजघराने से जुड़े गंगा सिंह ट्रस्ट, राय सिंह ट्रस्ट, करणी सिंह फाउंडेशन, करणी चैरिटेबल ट्रस्ट और महारानी सुशीला कुमारी ट्रस्ट में ही यह विवाद केंद्रित है।
वर्तमान में लालगढ़ पैलेस और लक्ष्मी निवास पैलेस, जो अरबों रुपए मूल्य के हैं, गंगा सिंह ट्रस्ट के अधीन हैं। लालगढ़ पैलेस का एक हिस्सा वर्तमान में विधायक सिद्धि कुमारी का निवास स्थान है।