पीबीएम अस्पताल पर फिर सवाल: पेट सीटी स्कैन की आड़ में दूसरी जांचों के 5 लाख के बिल पकड़े गए
दैनिक खबरां,बीकानेर। संभाग का सबसे बड़ा पीबीएम अस्पताल एक बार फिर गड़बड़ी को लेकर चर्चा में है। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में पेट सीटी स्कैन जांच के बिलों के सत्यापन में अनियमितताएं सामने आई हैं। करीब 15 लाख रुपये के दावों में से पांच लाख रुपये के 44 बिल पेट स्कैन की बजाय अन्य जांचों से जुड़े पाए गए हैं। फिलहाल इन संदिग्ध बिलों का भुगतान रोक दिया गया है, जिससे टीआईडी पर बिल सबमिट करने की पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है।
पीबीएम प्रशासन ने हाल ही में कैंसर रोगियों के लिए भेजे गए 206 बिलों की जांच करवाई। सत्यापन के दौरान पता चला कि पेट स्कैन की जगह हार्ट एंजियोग्राफी, किडनी और लीवर से संबंधित जांचों के बिल अपलोड कर दिए गए। इतना ही नहीं, कुछ बिल खाली भी पाए गए।
गौर करने वाली बात यह है कि पेट सीटी स्कैन का मानक क्लेम 13,700 रुपये तय है, लेकिन कई बिलों में पौने दो लाख रुपये तक के दावे पेश किए गए। सबसे ज्यादा गड़बड़ी जनवरी माह के बिलों में मिली है। सत्यापन दल ने पूरी रिपोर्ट अधीक्षक को सौंप दी है और फिलहाल संदिग्ध बिलों का भुगतान रोक दिया गया है। वंही नोडल अधिकारी डॉ. शिव शंकर झंवर का कहना है कि पेट स्कैन की टीआईडी पर अन्य जांचों के बिल चढ़ाना गलत है। इनका भुगतान आरजीएचएस से नहीं होगा बल्कि आरएमआरएस खाते में जाएगा। उन्होंने पहले किए गए सभी भुगतानों की भी जांच कराने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि कैंसर रोगियों की पेट स्कैन और गामा कैमरा जांच का कार्य “मैसर्स मॉलीक्यूलर साइंटिफिक कोर हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड” के पास है। अब यह सवाल उठ रहा है कि पेट स्कैन की टीआईडी पर दूसरी जांचों के बिल कैसे दर्ज हो गए।

