बीकानेर में साइबर ठगों की बड़ी करतूत, सास-बहू को डिजिटल अरेस्ट कर 48 लाख रुपये ठगे

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बीकानेर में साइबर ठगों की बड़ी करतूत, सास-बहू को डिजिटल अरेस्ट कर 48 लाख रुपये ठगे

Bikaner News दैनिक खबरां। बीकानेर के करणीनगर क्षेत्र में साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर एक परिवार को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी और फर्जी सुप्रीम कोर्ट गिरफ्तारी वारंट दिखाकर सास-बहू को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 48 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।


पीड़ित परिवार को पहले व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया गया, जिसमें ठगों ने सरकारी अधिकारी होने का दावा किया। बातचीत के दौरान उन्हें बताया गया कि उनके बैंक खातों से करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है और राशि विदेश भेजी जा रही है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के नाम से तैयार किया गया फर्जी गिरफ्तारी वारंट दिखाकर डराया गया और कहा गया कि आदेश का उल्लंघन करने पर तुरंत गिरफ्तारी होगी।


डर के माहौल में ठगों ने सास-बहू को लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा। उन्हें किसी से संपर्क नहीं करने और घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी गई। ठगों के निर्देश पर पीड़ितों ने दो अलग-अलग बैंक खातों से बताए गए खातों में 48 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।


तीन दिन बाद जब कॉल अचानक बंद हुई तो परिवार को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। साईबर थाने के इंचार्ज रमेश सर्वटा नें बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगों के पास पीड़ित परिवार की बैंक, आधार और अन्य निजी जानकारी कैसे पहुंची।


पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से गिरफ्तारी की धमकी या पैसों की मांग नहीं करती। इस तरह की कॉल आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें।