राष्ट्रीय पंजाबी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने नई दिल्ली में कानून मंत्री मेघवाल से की मुलाक़ात, समाज की विभिन्न मांगो का सौंपा ज्ञापन

बीकानेर

राष्ट्रीय पंजाबी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने नई दिल्ली में कानून मंत्री मेघवाल से की मुलाक़ात, समाज की विभिन्न मांगो का सौंपा ज्ञापन

बीकानेर| राष्ट्रीय पंजाबी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल का साफा पहनाकर प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया | इसके पश्चात मेघवाल को पंजाबी महासभा के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मांगो का ज्ञापन सोंपा | प्रतिनिधि मंडल में शामिल बीकानेर से सतीश कुमार खत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से पंजाबी अरोड़ा खत्री समाज को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की मांग करते हुए बताया कि भारत-पाक विभाजन के समय धर्म की रक्षा के लिए वर्तमान पाकिस्तान से अपना सब कुछ गंवाकर भारत के विभिन्न भागों में आकर मेहनत के दम पर विभिन्न क्षेत्रों में अपना प्रभुत्व स्थापित करने और राष्ट्रीय अस्मिता एवं समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पंजाबी खत्री अरोड़ा समुदाय आज 21वीं सदी में बिना किसी सरकारी सहायता के अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है | इन लम्बित मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय पंजाबी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के सरकारी आवास पर हाल ही में मोदी सरकार में मिली नई जिम्मेदारी केन्द्रीय कानून मंत्री बनाए जाने पर महासभा के पधाधिकारियों द्वारा सम्मान कर पांच सूत्रीय मांगो का ज्ञापन सोंपकर जल्द समाधान करने का आग्रह किया | जिस पर मेघवाल ने समाज के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि वे संबंधित विभागों से इन लंबित मुद्दों पर चर्चा कर इनके समाधान के लिए प्रभावी कदम जरूर उठाएंगे।

पंजाबी समुदाय की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं :-

1.    विभाजन विभिषिका पीड़ित कल्याण आयोग का गठन किया जाए । देश व प्रदेश में जनसंख्या के अनुपात से पंजाबी, अरोड़ा, खत्री समाज को लोकसभा, राज्यसभा एवं विधानसभा में प्रतिनिधित्व देकर राजनीतिक क्षेत्र में हिस्सेदारी दी जाए और पंजाबी अरोड़ा खत्री समाज को सरकारी प्रतिष्ठान में नौकरिया, सरकारी योजनाओ में भागीदारी दी जाए, इसका उदाहरण है – उत्तराखंड में पंजाबी अरोड़ा खत्री समाज 6 विधायक होने पर किसी को भी मंत्रीमण्डल में स्थान नही दिया। क्यो?

2.    भारत सरकार की जनगणना के जाति आधारित कॉलम में ‘खत्री’ दर्ज है, उसमें ‘पंजाबी खत्री’ दर्ज किया जाए। दूसरा – जबकि देश के अधिकांश भाग में श्री अरूट वंश के ‘पंजाबी अरोड़ा’ परिवार हैं।  अनुरोध है कि केंद्र के जाति रिकार्ड में ‘पंजाबी अरोड़ा’ को शामिल कर समाज को इसकी मान्यता दी जाए।

3.    देश के कुछ राज्यों में आज भी सामाजिक तत्व पंजाबी समुदाय के लोगों को शरणार्थी और पाकिस्तानी कहकर अपमानित करते हैं।  ऐसा कहने वालों के खिलाफ विशेष कानून बनाकर उनके लिए सजा का प्रावधान किया जाना चाहिए।

4.    जिन राज्यों में पंजाबी को दूसरी भाषा का दर्जा दिया गया है, वहां पंजाबी शिक्षकों की नियुक्ति करके रिक्त पदों को भरा जाए, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, मील के पत्थरों और साइन बोर्डों पर अन्य भाषाओं के साथ पंजाबी भाषा में भी संदेश दिया जाए।  लिखा जाना है|

5.    अरोड़ा वंश के संस्थापक एवं भगवान श्री रामचन्द्र जी के वंशज श्री अरूट जी महाराज की जयंती 30 मई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाये।

प्रतिनिधि मंडल में राजस्थान बीकानेर से सतीश कुमार खत्री,ललित कुमार, शेखर व अलवर से रमेश आहूजा ,दौलतराम हजरती, हरीश अरोड़ा,रजनीश बांगा इसके साथ जयपुर,अंबाला ,दिल्ली, बीकानेर, हरिद्वार एवं भारत के सभी राज्यों से करीब 60 जनों का प्रतिनिधि मंडल शामिल रहा।