पीबीएम अस्पताल में लापरवाही की भेंट चढ़ा ढाई साल का मासूम,पैर में प्लास्टर के भीतर रह गई सर्जिकल ब्लेड, एक्सरे में हुआ खुलासा..

चिकित्सा बीकानेर

पीबीएम अस्पताल में लापरवाही की भेंट चढ़ा ढाई साल का मासूम,पैर में प्लास्टर के भीतर रह गई सर्जिकल ब्लेड, एक्सरे में हुआ खुलासा..

दैनिक खबरां,बीकानेर। लगातार विवादों में रहने वाले पीबीएम अस्पताल से एक बार फिर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। इस बार नर्सिंग स्टाफ की कथित चूक का खामियाजा एक ढाई साल के मासूम बच्चे को भुगतना पड़ा। बच्चे के पैर पर प्लास्टर करते समय उसमें सर्जिकल ब्लेड छूट गई, जिससे पांच दिनों तक बच्चा असहनीय दर्द से तड़पता रहा।

जानकारी के अनुसार छीपों का मोहल्ला स्थित मक्का मस्जिद क्षेत्र निवासी उवेश रजा (ढाई वर्ष) 9 दिसंबर को घर में खेलते समय गिरकर घायल हो गया। परिजन उसे पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां एक्स-रे में घुटने से टखने के बीच हड्डी में फ्रैक्चर पाया गया। डॉक्टर ने प्लास्टर कराने की सलाह दी, जिसके बाद हड्डी वार्ड में नर्सिंग स्टाफ द्वारा बच्चे के पैर पर प्लास्टर चढ़ाया गया।

परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान नर्सिंग कर्मचारी से गंभीर लापरवाही हुई और एक टूटी हुई सर्जिकल ब्लेड प्लास्टर के भीतर ही रह गई। प्लास्टर के बाद से ही बच्चा लगातार दर्द से रोता रहा। शुरुआत में परिजनों ने इसे फ्रैक्चर का सामान्य दर्द समझा, लेकिन पांच दिन बीतने के बाद भी जब दर्द कम नहीं हुआ तो बच्चे को पीबीएम अस्पताल के पास स्थित एक निजी क्लिनिक ले जाया गया।

वहां दोबारा एक्स-रे कराने पर प्लास्टर के अंदर सर्जिकल ब्लेड होने का खुलासा हुआ। प्लास्टर खोलने पर बच्चे के पैर में ब्लेड से कई जगह घाव पाए गए, जिससे परिजन सकते में आ गए।

पीड़ित बच्चे के दादा मोहम्मद अयूब लोधा ने बताया कि मामले की शिकायत लेकर वे पीबीएम अस्पताल अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, लेकिन अधीक्षक मीटिंग में होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में एक डॉक्टर ने बच्चे की जांच कर नया प्लास्टर किया। परिजनों ने इस पूरे मामले में जिम्मेदार डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

वहीं पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने बताया कि बच्चे के परिजन उनसे मिलने आए थे, लेकिन मीटिंग के कारण बातचीत नहीं हो पाई। मामले को लेकर संबंधित विभाग से रिपोर्ट मंगवाई जा रही है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।